News Speaks
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
विज्ञापन
News Speaks — यहाँ विज्ञापन दें
News Speaks — यहाँ विज्ञापन दें

कानपुर में सुरक्षा गार्ड पर 600 किलो गेट गिरा, तीन घंटे तक दबा रहा शव

कानपुर के पनकी में 600 किलो स्लाइडिंग गेट गिरने से सुरक्षा गार्ड विक्रम सिंह की मौत, तीन घंटे तक शव दबा रहा।

कानपुर में सुरक्षा गार्ड पर 600 किलो गेट गिरा, तीन घंटे तक दबा रहा शव

कानपुर के पनकी इलाके में एक सुरक्षा गार्ड पर करीब 600 किलो वजनी स्लाइडिंग गेट गिरने से उनकी मौत हो गई। तीन घंटे तक गेट के नीचे दबे रहने के कारण किसी को उनकी जानकारी नहीं हुई। घटना के बाद परिवार ने अपार्टमेंट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

घटना का विवरण

उत्तर प्रदेश के कानपुर के पनकी में स्थित श्री प्रभु विस्टा अपार्टमेंट में 55 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड विक्रम सिंह ड्यूटी पर थे। शुक्रवार देर रात करीब 1:19 बजे सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, वे मुख्य गेट खोलने के लिए उसे धकेल रहे थे। पांच मिनट बाद, रात 1:24 बजे लगभग सवा पांच फीट ऊंचा और 12 फीट लंबा गेट अचानक उनके ऊपर गिर गया। विक्रम सिंह गेट के नीचे दब गए और वहां किसी को उनकी कोई आवाजाही या हलचल नहीं दिखी।

तीन घंटे बाद मिली जानकारी

शनिवार सुबह करीब 4:30 बजे अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर रहने वाली शिक्षिका अलका ने विक्रम को गेट के नीचे पड़ा देखा। उन्होंने तुरंत पुलिस और अन्य लोगों को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर गेट हटाया गया, लेकिन तब तक विक्रम की मौत हो चुकी थी।

गेट की खराबी और सुरक्षा की कमी

प्रारंभिक जांच में पता चला कि गेट का स्टॉपर घिस चुका था और गेट को गिरने से रोकने वाली क्लैंप रॉड भी नहीं लगी थी। गेट खींचते समय वह घिसे स्टॉपर से आगे निकल गया और नीचे गिर पड़ा। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते गेट की मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो विक्रम की जान बच सकती थी।

विक्रम के बेटे दीपक ने बताया कि अपार्टमेंट में पहले काम करने वाले गार्ड जीतू ने भी गेट मरम्मत की बात कही थी, लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया। जांच के बाद ही इन आरोपों की पुष्टि होगी।

परिवार की प्रतिक्रिया और मुआवजे की मांग

विक्रम सिंह पनकी के डूडा कॉलोनी में रहते थे। उनकी पत्नी का 2014 में निधन हो चुका है। परिवार में उनका बेटा दीपक है। विक्रम रात की ड्यूटी करते थे और परिवार की जिम्मेदारी निभाते थे। पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव घर पहुंचा तो परिवार ने अपार्टमेंट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की। इस दौरान लगभग एक घंटे तक हंगामा हुआ। एसीपी पनकी अमित कुमार चौरसिया ने दोनों पक्षों को बैठक कर समझाया।

प्रबंधन की ओर से जवाब और मुआवजा

अपार्टमेंट के सिक्योरिटी इंचार्ज संजय पांडेय ने हादसे पर दुख जताया लेकिन कहा कि गेट खराब नहीं था और यह एक दुर्घटना थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने और अपार्टमेंट के अन्य परिवारों ने मिलकर विक्रम के परिजनों को एक लाख रुपये मुआवजे के रूप में दिए। ठेकेदार सुनीत द्विवेदी ने बताया कि वह रात 1:16 बजे सीतापुर से लौटे थे, इसके बाद विक्रम ने गेट बंद किया था।

पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठे सवालों पर जांच जारी है।

यह खबर शेयर करें
संपादकीय टीम
संपादकीय टीम · News Speaks

News Speaks की संपादकीय टीम।

संपादकीय टीम की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।