News Speaks
मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
विज्ञापन
News Speaks — यहाँ विज्ञापन दें
News Speaks — यहाँ विज्ञापन दें

पंजाब चुनाव से पहले रमिंदर सिंह आवला ने थामा शिरोमणि अकाली दल का दामन

पंजाब में 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस के पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला ने शिरोमणि अकाली दल का दामन थामा।

पंजाब चुनाव से पहले रमिंदर सिंह आवला ने थामा शिरोमणि अकाली दल का दामन

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जलालाबाद से पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला ने शिरोमणि अकाली दल का दामन थाम लिया है। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने उनका पार्टी में स्वागत किया है।

सुखबीर सिंह बादल ने किया स्वागत

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "वरिष्ठ नेता और जलालाबाद से पूर्व विधायक, रमिंदर सिंह आवला का शिरोमणि अकाली दल में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। जलालाबाद ने मुझे तीन बार सेवा करने का मौका दिया। यह ऐसा चुनाव क्षेत्र है, जिसने अकाली दल की सरकारों के दौरान क्रांतिकारी विकास देखा है।"

उन्होंने आगे कहा, "रमिंदर सिंह आवला के पार्टी में शामिल होने से मुझे विश्वास है कि वह इस चुनाव क्षेत्र के साथ-साथ पूरे बॉर्डर इलाके में शिरोमणि अकाली दल को मजबूत करने के लिए पूरी कोशिश करेंगे, ताकि 2027 में पार्टी की जीत सुनिश्चित हो सके।"

रमिंदर सिंह आवला का राजनीतिक सफर

रमिंदर सिंह आवला ने वर्ष 2019 के जलालाबाद उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के गढ़ माने जाने वाले जलालाबाद विधानसभा क्षेत्र में अकाली दल के उम्मीदवार को करीब 16 हजार वोटों से हराया था। यह जीत कांग्रेस के लिए 17 वर्षों बाद जलालाबाद सीट पर मिली पहली जीत थी।

आवला ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत बूथ स्तर के कार्यकर्ता के रूप में की थी। बाद में वह पंजाब यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बने और फिर पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) में महासचिव के पद पर कार्य किया। कांग्रेस ने उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) में सचिव बनाकर कर्नाटक राज्य की जिम्मेदारी भी सौंपी थी।

कांग्रेस के लिए बड़ा झटका

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले रमिंदर सिंह आवला का शिरोमणि अकाली दल में शामिल होना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे अकाली दल को जलालाबाद समेत सीमावर्ती क्षेत्रों में मजबूती मिलने की उम्मीद है।

यह खबर शेयर करें
संपादकीय टीम
संपादकीय टीम · News Speaks

News Speaks की संपादकीय टीम।

संपादकीय टीम की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।