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यूपी की 1.38 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से 11,378 करोड़ रुपये का आर्थिक सहयोग

यूपी में 1.38 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के जरिए 11,378 करोड़ रुपये का आर्थिक सहयोग मिला है।

यूपी की 1.38 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से 11,378 करोड़ रुपये का आर्थिक सहयोग

ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक सहायता से मिला स्वरोजगार का अवसर

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) के माध्यम से आर्थिक सहयोग दिया गया है। इससे अब तक 1.38 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लगभग 11,378 करोड़ रुपये का ऋण मिला है। यह ऋण महिलाओं को आजीविका गतिविधियों को शुरू करने और छोटे कारोबार को बढ़ाने में मदद कर रहा है।

कैसे बढ़ी महिलाओं की आर्थिक भागीदारी?

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने बताया कि इस व्यवस्था से महिलाओं की साहूकारों पर निर्भरता कम हुई है। महिलाएं अब खेती, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और सेवा क्षेत्र में नए आय के स्रोत विकसित कर रही हैं। समूहों की सामूहिक बचत और संस्थागत वित्त का सहयोग स्वरोजगार को सशक्त बना रहा है।

अरुण कुमार ने कहा कि खासतौर पर कम पूंजी वाली ग्रामीण महिलाओं के लिए भी उद्यमिता के नए द्वार खुले हैं। वे न केवल उत्पादन कर रही हैं, बल्कि पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव भी बढ़ा रही हैं, जिससे उनके छोटे व्यवसायों को विस्तार का मौका मिल रहा है।

स्वयं सहायता समूहों की भूमिका और प्रक्रिया

ग्रामीण महिलाएं समूह बनाकर नियमित बचत करती हैं। इन समूहों में आंतरिक ऋण और उसकी समय पर वापसी की व्यवस्था होती है, जो वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देती है। यह प्रक्रिया उन्हें बाद में बैंकिंग और अन्य संस्थागत वित्त तक पहुंचने में मदद करती है।

इस आर्थिक सहयोग से महिलाएं स्थानीय जरूरतों और संसाधनों के अनुसार मसाला, पापड़, अचार, मिलेट उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और पशुपालन जैसी गतिविधियों में कारोबार बढ़ा रही हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और साहूकारों पर निर्भरता कम हो रही है।

75 जिलों में महिलाओं का सामुदायिक नेटवर्क मजबूत

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का विस्तार भी महिलाओं को संस्थागत सहायता प्रदान करने में अहम रहा है। यह मिशन 2013-14 से 2016-17 तक केवल 104 विकास खंडों में था, लेकिन अब योगी सरकार के तहत इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू किया गया है।

अरुण कुमार के अनुसार, ग्राम संगठन स्थानीय स्तर पर समूहों के बीच समन्वय, वित्तीय अनुशासन और आजीविका गतिविधियों को मजबूत करते हैं। संकुल स्तरीय संघ महिलाओं को प्रशिक्षण, बाजार और संस्थागत सहयोग से जोड़ने में मदद कर रहे हैं।

स्रोत: hindi.webdunia.com

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