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गुरुवार, 5 नवंबर 2026
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मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत 15 लाख से अधिक रजिस्ट्रियां पूरी

मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत 15 लाख 98 हजार से अधिक ग्रामीण संपत्ति रजिस्ट्रियां पूरी हुईं।

मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत 15 लाख से अधिक रजिस्ट्रियां पूरी

भोपाल। मध्यप्रदेश में ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय भूमि और मकानों का वैधानिक अधिकार देने के लिए स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना लागू की गई है। अब तक प्रदेश में इस योजना के अंतर्गत 15 लाख 98 हजार 46 रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं। इस योजना से ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति का वैध दस्तावेज मिलता है, जिससे वे बैंक ऋण समेत अन्य वित्तीय सहूलियतें ले सकते हैं।

स्वामित्व योजना क्या है और इसका लाभ कैसे मिलता है?

स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पात्र मकानों और भूखंडों का पंजीयन निशुल्क किया जा रहा है। पंजीयन और सत्यापन की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल तकनीक जैसे ‘सारा’ ऐप और ‘संपदा 2.0’ का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन तकनीकों से संपत्ति के दस्तावेजों का रख-रखाव, मौके पर सत्यापन और पंजीयन की प्रक्रिया बेहतर हुई है। इससे ग्रामीणों को संपत्ति के दस्तावेज मिलते हैं और भूमि विवादों में कमी आती है।

किस जिले में कितनी रजिस्ट्रियां हुईं पूरी?

प्रदेश के 55 जिलों में पंजीयन का काम जारी है। छिंदवाड़ा जिले में सबसे अधिक 74 हजार 002 रजिस्ट्रियां पूरी हुई हैं। अन्य जिलों में राजगढ़ में 64 हजार 880, उज्जैन में 62 हजार 244, सागर में 56 हजार 143, सिवनी में 55 हजार 910, छतरपुर में 55 हजार 381, जबलपुर में 54 हजार 573, बालाघाट में 53 हजार 228 और शिवपुरी में 51 हजार 855 रजिस्ट्रियां पूरी हुई हैं।

इसके अलावा नरसिंहपुर में 49 हजार 896, मंदसौर में 49 हजार 552, रायसेन में 45 हजार 333, धार में 45 हजार 311, विदिशा में 44 हजार 025, बैतूल में 42 हजार 743, नीमच में 41 हजार 839, सीहोर में 39 हजार 713, खंडवा में 38 हजार 418, खरगोन में 36 हजार 275, कटनी में 35 हजार 659, शाजापुर में 34 हजार 316, देवास में 33 हजार 001, नर्मदापुरम में 31 हजार 682, इंदौर में 30 हजार 141, मंडला में 29 हजार 504, दमोह में 28 हजार 181, सतना में 25 हजार 987 और गुना में 25 हजार 588 रजिस्ट्रियां पूरी हुई हैं।

बड़वानी में 24 हजार 881, भिंड में 24 हजार 340, रतलाम में 23 हजार 736, पन्ना में 21 हजार 178, बुरहानपुर में 21 हजार 150, मुरैना में 20 हजार 947, हरदा में 20 हजार 185, डिंडोरी में 19 हजार 920, ग्वालियर में 19 हजार 623, अशोकनगर में 19 हजार 290, रीवा में 19 हजार 220, आगर-मालवा में 17 हजार 651, टीकमगढ़ में 16 हजार 960, दतिया में 15 हजार 242, श्योपुर में 14 हजार 381, भोपाल में 10 हजार 887 और निवाड़ी में 10 हजार 024 रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं।

अन्य जिलों जैसे पांढुर्णा में 9 हजार 416, मैहर में 9 हजार 100, झाबुआ में 8 हजार 629, सीधी में 4 हजार 041, सिंगरौली में 2 हजार 588, आलीराजपुर में 2 हजार 253, शहडोल में 2 हजार 073, उमरिया में 1 हजार 983, अनूपपुर में 1 हजार 703 और मऊगंज में 1 हजार 265 रजिस्ट्रियां पूरी की गई हैं। राजस्व विभाग शेष पात्र हितग्राहियों को भी समय पर अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने के प्रयास कर रहा है।

क्यों है यह योजना महत्वपूर्ण?

यह योजना ग्रामीण परिवारों को उनकी संपत्ति पर कानूनी अधिकार प्रदान करती है। इससे वे बैंक ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं, जो उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद करेगा। साथ ही, डिजिटल तकनीकों के उपयोग से पंजीयन प्रक्रिया पारदर्शी और आसान बनी है, जिससे भूमि विवाद कम हुए हैं।

मुख्य बातें

  • प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत 15 लाख 98 हजार 46 से अधिक रजिस्ट्रियां पूरी हुई हैं।
  • छिंदवाड़ा जिले में सबसे अधिक 74 हजार 002 रजिस्ट्रियां पूरी हुई हैं।
  • ‘सारा’ ऐप और ‘संपदा 2.0’ तकनीक से पंजीयन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनी है।
  • ग्रामीण परिवार अपनी संपत्ति पर बैंक ऋण सहित वित्तीय सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं।

स्रोत: hindi.webdunia.com

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