नई दिल्ली में अर्ध उष्ट्रासन के फायदे
नई दिल्ली में आयुष मंत्रालय के अनुसार, आज की तेज़-तर्रार जिंदगी में लंबे समय तक लैपटॉप और मोबाइल पर काम करने से शरीर को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में योगासन अर्ध उष्ट्रासन शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी साबित होता है।
अर्ध उष्ट्रासन क्या है?
अर्ध उष्ट्रासन का अर्थ है 'आधा ऊंट का आसन'। इस आसन में शरीर की मुद्रा आधे झुके हुए ऊंट जैसी होती है। यह आसन सरल दिखने के साथ कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार स्वास्थ्य लाभ
आयुष मंत्रालय ने बताया कि यह आसन ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, जिससे शरीर के अंगों को खून और ऑक्सीजन मिलती है। इससे शरीर तरोताजा और ऊर्जावान महसूस करता है।
यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और सीने को खोलकर सांस लेने की क्षमता बढ़ाता है।
कब्ज और कमर दर्द में राहत
अर्ध उष्ट्रासन करने से पेट की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं और पाचन तंत्र मजबूत होता है। इससे कब्ज जैसी समस्याएं दूर होती हैं और पेट हल्का महसूस होता है। साथ ही, कमर दर्द में भी राहत मिलती है क्योंकि रीढ़ और गर्दन की मांसपेशियां मजबूत और लचीली बनती हैं।
इस आसन के नियमित अभ्यास से मांसपेशियों में खिंचाव आता है और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे कमर और गर्दन की जकड़न कम होती है और पोस्चर में सुधार होता है।
सावधानियां
आयुष मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अगर किसी को कमर या घुटनों में तकलीफ हो तो बिना डॉक्टर की सलाह के यह आसन न करें।
मुख्य तथ्य
- अर्ध उष्ट्रासन शरीर और मन दोनों को लाभ पहुंचाता है।
- यह ब्लड सर्कुलेशन और सांस लेने की क्षमता बढ़ाता है।
- कब्ज और कमर दर्द से राहत मिलती है।
- कमर या घुटनों में समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह जरूरी।
स्रोत: deshbandhu.co.in


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