लाल चावल की पौष्टिकता और फायदे
शहरी क्षेत्रों में लोग अब सफेद चावल के बजाय लाल या भूरे चावल को अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं। 100 ग्राम लाल चावल में 356 कैलोरी, 75.5 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 9 ग्राम प्रोटीन, 3 ग्राम वसा और 11 ग्राम फाइबर होता है। यह सफेद चावल की तुलना में तीन से चार गुना अधिक फाइबर प्रदान करता है और भूरे चावल से भी फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है।
एंथोसायनिन और फिनोल के फायदे
लाल चावल का रंग एंथोसायनिन नामक पदार्थों के कारण होता है, जो शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट हैं। ये एंथोसायनिन और फिनोल शरीर की रक्षा करते हैं और कार्बोहाइड्रेट के ग्लूकोज में तेजी से बदलने को रोकते हैं।
ब्लड शुगर नियंत्रण और वजन घटाने में मदद
लाल चावल में मौजूद 11 ग्राम फाइबर ग्लूकोज को रक्त में धीरे-धीरे अवशोषित करने में मदद करता है, जिससे मधुमेह और तेजी से वजन बढ़ने की समस्याओं से बचाव होता है। वैज्ञानिक रूप से यह साबित हो चुका है कि लाल चावल आनुवंशिक रूप से मधुमेह से प्रभावित लोगों को भविष्य में मधुमेह से बचाता है।
लाल चावल पेट जल्दी भरता है, जिससे कम खाने में मदद मिलती है और वजन घटाने में सहायक होता है। इसमें ऑक्टाडेकाडिएनोइक एसिड नामक पदार्थ होता है, जो घुटनों को नुकसान से बचाने में भी लाभकारी है।
कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण और अन्य स्वास्थ्य लाभ
उच्च फाइबर की वजह से लाल चावल ब्लड में फैट और कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकता है और उन्हें शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हालांकि, मोटापा, अधिक वजन, शुगर, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स या फैटी लिवर जैसी समस्याओं से ग्रस्त लोगों को चावल का सेवन पूरी तरह बंद कर सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है।
विशेष आबादी के लिए लाल चावल
शिशुओं, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को सफेद चावल के बजाय लाल चावल देना अच्छा माना जाता है। उन्हें लाल चावल 4-8 घंटे भिगोकर देने की सलाह दी जाती है।
जो लोग वजन कम करना चाहते हैं या ब्लड शुगर नियंत्रित रखना चाहते हैं, उन्हें लाल चावल थोड़ी मात्रा में खाना चाहिए ताकि वे चावल खाने की इच्छा पूरी कर सकें।
स्रोत: tv9hindi.com


टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।