नई दिल्ली में, आज के समय में कई लोगों को सोते समय अचानक शरीर में झटका लगने की समस्या होती है। इसे मेडिकल भाषा में Hypnic Jerk या Sleep Start कहा जाता है। डॉ. जयदीप बंसल, प्रधान निदेशक एवं एचओडी न्यूरोलॉजी, फोर्टिस, शालीमार बाग ने बताया कि यह आमतौर पर कोई गंभीर बीमारी नहीं होती।
नींद में झटका लगने का कारण
डॉ. बंसल के अनुसार, जब हमारा दिमाग जागने की अवस्था से नींद की अवस्था में जाता है, तब मांसपेशियों और दिमाग के बीच कभी-कभी गलत सिग्नल चला जाता है। दिमाग इसे गिरने का संकेत समझकर शरीर को झटका देता है, जिससे नींद अचानक टूट जाती है।
झटके क्यों बढ़ जाते हैं?
- नींद पूरी न होना या स्लीप साइकल का बिगड़ना
- तनाव, चिंता या अधिक थकान
- शाम को ज्यादा चाय, कॉफी या कैफीन का सेवन
- सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप या स्क्रीन का अधिक इस्तेमाल
- देर रात तक जागना या अनियमित सोने का समय
कब सावधानी जरूरी है?
अगर झटके कभी-कभार आते हैं तो चिंता की जरूरत नहीं है। लेकिन यदि ये लगातार हो रहे हैं, हर रात नींद टूट रही है और दिनभर थकान, चिड़चिड़ापन या नींद की कमी महसूस हो रही है, तो यह किसी न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकता है। डॉ. बंसल ने बताया कि ऐसी अनैच्छिक गतिविधियां दौरे, रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम, पीरियोडिक लिम्ब मूवमेंट डिसऑर्डर जैसी बीमारियों से जुड़ी हो सकती हैं।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
अगर झटकों के साथ चक्कर आना, बेहोशी, जीभ कट जाना, पेशाब पर नियंत्रण न रहना, भ्रम या याददाश्त में गड़बड़ी, या दिन में भी झटके आना शुरू हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
झटकों से बचने के उपाय
- रोजाना एक ही समय पर सोना और जागना
- 7-8 घंटे की पूरी नींद लेना
- शाम 6 बजे के बाद चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक से परहेज
- सोने से पहले एक घंटा मोबाइल और स्क्रीन बंद कर देना
- सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग, गहरी सांस लेना या रिलैक्सेशन करना
महत्वपूर्ण तथ्य
- Hypnic Jerk नींद में झटके का मेडिकल नाम है।
- यह आमतौर पर कोई बीमारी नहीं होती।
- तनाव और कैफीन से झटके बढ़ सकते हैं।
- लगातार झटके न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकते हैं।
यह जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे लोगों को अपनी नींद की गुणवत्ता समझने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में मदद मिलेगी।
स्रोत: indiatv.in


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