शनिवार शाम बेंगलुरु के बनशंकरी इलाके में स्थित सुचित्रा सिनेमा एंड कल्चरल एकेडमी में 'गांधी हत्या का सच: द ट्रुथ ऑफ गांधी मर्डर' नामक नाटक के दौरान विवाद हो गया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के साथ बहस के दौरान नाटक के लेखक और निर्देशक अदांडा सी. करियप्पा के चेहरे पर काली स्याही फेंक दी गई। यह नाटक कोडागु रंगभूमि ट्रस्ट द्वारा मंचित किया जा रहा था।
गांधी को देशद्रोही बताने पर विवाद
एकेडमी में घुसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अन्य संगठनों के सदस्यों ने नाटक के कुछ संवादों पर आपत्ति जताई। उनका आरोप था कि नाटक में महात्मा गांधी को अपमानजनक तरीके से पेश किया गया है और उन्हें "राष्ट्र-विरोधी" के रूप में दिखाया गया है। प्रदर्शनकारियों ने गांधी को "देशद्रोही" बताने वाले संदर्भों को लेकर नाटक का विरोध किया। विवाद बढ़ने पर बहस हाथापाई में बदल गई और करियप्पा के चेहरे पर स्याही फेंक दी गई।
शिकायतें और पुलिस जांच
घटना के बाद दोनों पक्ष बनशंकरी पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने करियप्पा, कलाकारों और नाटक से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जबकि करियप्पा ने नाटक के प्रदर्शन में बाधा, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण संभाग) डॉ. के. वामसी कृष्णा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों पक्षों से शिकायतें मिली हैं और जांच चल रही है। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं। जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कलात्मक अभिव्यक्ति और विरोध की सीमा पर बहस
इस घटना ने कलात्मक अभिव्यक्ति और विरोध प्रदर्शन की सीमाओं को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। इससे पहले बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने वेब सीरीज 'आश्रम-3' के सेट पर पथराव किया था और निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा पर हिंदुओं को गलत तरीके से चित्रित करने का आरोप लगाते हुए स्याही फेंकी थी। उस हमले में वेब सीरीज दल की दो बसें और कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे।
स्रोत: indiatv.in


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