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वाराणसी में डेंगू रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन

वाराणसी में मानसून के साथ डेंगू मरीज बढ़ने लगे हैं, स्वास्थ्य विभाग ने नियंत्रण और बचाव के लिए गाइडलाइन जारी की है।

वाराणसी में डेंगू रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन

डॉ. संदीप चौधरी ने डेंगू नियंत्रण के लिए गाइडलाइन जारी की

वाराणसी में मानसून के शुरू होते ही मच्छरजनित रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इस दौरान डेंगू और मलेरिया के मामले बढ़ने का खतरा होता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि 1 जुलाई से जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कई जरूरी कार्य किए जा रहे हैं।

डेंगू मरीजों के लिए अस्पतालों में बेड आरक्षित

डॉ. चौधरी ने बताया कि डेंगू मरीजों के इलाज के लिए कबीर चौरा के एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय, पाण्डेयपुर के डीडीयू चिकित्सालय, रामनगर के एलबीएस चिकित्सालय और भेलूपुर के एसवीएम चिकित्सालय में 20-20 मच्छरदानी युक्त बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा शहरी व ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 10-10 और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 5-5 बेड भी आरक्षित हैं। इन अस्पतालों और केंद्रों में डेंगू मरीजों के भर्ती, डिस्चार्ज और प्लेटलेट प्रोटोकॉल को आवश्यक रूप से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।

प्लेटलेट की अनावश्यक मांग पर रोक

सीएमओ ने बताया कि वर्तमान समय में कुछ निजी चिकित्सकों द्वारा प्लेटलेट की अनावश्यक मांग की जा रही है, जिससे मरीजों के परिजनों में भय का माहौल बनता है। इसलिए सभी निजी अस्पतालों के प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि जब भी प्लेटलेट की मांग भेजें, तो मरीज की वर्तमान स्थिति और प्लेटलेट संख्या से संबंधित प्रपत्र भी संलग्न करें। मांग पत्र पर पंजीकृत चिकित्सक का नाम और हस्ताक्षर आवश्यक होंगे। प्लेटलेट की मांग केवल प्रोटोकॉल के अनुसार ही की जाए।

डेंगू से बचाव के उपाय

  • डेंगू का मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पनपता है, इसलिए साप्ताहिक रूप से घरेलू जल भंडारण कंटेनरों को ढकना, खाली करना और साफ करना चाहिए।
  • घर की छत पर रखे गमले, नारियल के खोल, टायर आदि में पानी जमा न होने दें।
  • पानी के कंटेनरों को ढक्कन से अच्छे से बंद रखें।
  • बरसात के मौसम में ऐसे कपड़े पहनें जो हाथ और पैर को कवर करें।
  • सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
  • मच्छरों से बचाव के लिए कीटनाशक से उपचारित बेडनेट, कॉइल और वेपोराइज़र लगाएं।
  • दिन में मच्छर भगाने के लिए क्रीम का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • सामुदायिक भागीदारी और सक्रियता बढ़ाकर मच्छर नियंत्रण को निरंतर बनाए रखें।

स्रोत: jansandeshtimes.in

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