डिजिटल दौर में स्क्रीन ने किताबों की जगह ले ली है, पर पढ़ने की आदत सोचने की क्षमता और भाषा को मज़बूत करती है। बच्चों में यह आदत बचपन से डालनी चाहिए।
घर में छोटी लाइब्रेरी इसकी अच्छी शुरुआत हो सकती है।
किताबें आज भी ज़रूरी।
डिजिटल दौर में स्क्रीन ने किताबों की जगह ले ली है, पर पढ़ने की आदत सोचने की क्षमता और भाषा को मज़बूत करती है। बच्चों में यह आदत बचपन से डालनी चाहिए।
घर में छोटी लाइब्रेरी इसकी अच्छी शुरुआत हो सकती है।
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