देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में पेपर लीक की घटना से परीक्षा व्यवस्था हिल गई है। जयपुर के जमवारामगढ़ इलाके में पकड़ा गया एक परिवार इस मामले का केंद्र बना हुआ है, जिसमें पापा, चाचा और भतीजे पर आरोप हैं। CBI की जांच से यह पता चला है कि यह नेटवर्क राजस्थान से आगे गुरुग्राम तक फैला हुआ था।
जयपुर का परिवार और पेपर लीक नेटवर्क
CBI ने जयपुर के जमवारामगढ़ से दिनेश, मांगीलाल और विकास को गिरफ्तार किया है। दिनेश और मांगीलाल सगे भाई हैं और विकास मांगीलाल का बेटा है। जांच में पता चला है कि यह परिवार लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े पेपर लीक नेटवर्क में सक्रिय था।
ऋषि भी जांच के दायरे में
दिनेश का बेटा ऋषि भी जांच एजेंसियों के रडार पर है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसे पेपर कैसे मिला और वह नेटवर्क से कितना जुड़ा था। जांच में डिजिटल डिवाइस, कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है।
विकास का NEET चयन और CLC कोचिंग से संबंध
जांच में यह भी सामने आया है कि विकास ने पिछले साल NEET में चयन प्राप्त किया था। माना जा रहा है कि उसने इस नेटवर्क का फायदा उठाया और बाद में पेपर अन्य छात्रों तक पहुंचाने में मदद की। विकास पहले सीकर की चर्चित CLC कोचिंग का छात्र रहा है।
जांच में कोचिंग संस्थान और अन्य संदिग्ध
CBI कोचिंग संस्थानों, छात्रों और संदिग्ध संपर्कों के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है। सीकर को मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग हब माना जाता है, इसलिए यह कनेक्शन जांच के लिए महत्वपूर्ण है।
राजस्थान से गुरुग्राम तक पेपर की बिक्री
जांच में पता चला है कि मांगीलाल और दिनेश ने 26-27 अप्रैल को गुरुग्राम के एक डॉक्टर से करीब 30 लाख रुपये में NEET का पेपर खरीदा था। इसके बाद दिनेश ने यह पेपर अपने बेटे को दिया, जो सीकर में मेडिकल की तैयारी कर रहा था। 29 अप्रैल को पेपर कई अन्य छात्रों तक पहुंचाया गया।
परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका
दिनेश के परिवार के चार बच्चों का पिछले साल NEET में चयन हुआ था। एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह केवल संयोग था या इसके पीछे भी कोई संगठित तंत्र था। पुराने रिकॉर्ड और संदिग्ध संपर्कों की जांच जारी है।
देशभर में जांच और छापेमारी
CBI महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान समेत कई राज्यों में छापेमारी और पूछताछ कर रही है। जांच में पता चला है कि यह एक संगठित गिरोह था जो पेपर लीक कर मोटी रकम वसूलता था। डिजिटल चैट, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स से कई अहम सुराग मिले हैं।
छात्रों में नाराजगी और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल
NEET परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों और अभिभावकों में निराशा और नाराजगी है। सोशल मीडिया पर परीक्षा की विश्वसनीयता और सुरक्षा पर तीखी बहस हो रही है। छात्रों का सवाल है कि अगर सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा भी सुरक्षित नहीं रह सकती, तो मेहनत और मेरिट पर भरोसा कैसे किया जाए।
अब पूरा देश CBI की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहा है, क्योंकि यह मामला सिर्फ पेपर लीक का नहीं, बल्कि एक पूरी परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर उठे सवालों का आईना है।


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