कृति सेनन ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में मिलने वाले पुराने और एक जैसे रोल से अपनी असहजता जताई है। अब वह ऐसे किरदार निभाना चाहती हैं, जो उन्हें उनके कंफर्ट जोन से बाहर निकालें और महिलाओं को असली और इंसानी रंग में पेश करें।
शुरुआती दिनों के रोल से हुईं परेशान
करीना कपूर के शो 'What Women Want' के एक एपिसोड में कृति सेनन ने खुलासा किया कि जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब उन्हें ज्यादातर "अच्छी लड़की" वाले किरदार ही मिलते थे। उन्होंने बताया, "लंबे समय तक मुझे अच्छी लड़की वाले किरदार ही मिलते रहे। काफी समय तक फिल्मों में महिलाओं को पुरुषों की नजर से दिखाया जाता था। यानी ऐसी लड़की जो संस्कारी हो, शर्मीली हो, कभी कुछ गलत न करे और जिसे गुंडों से बचाने के लिए किसी की जरूरत पड़े।"
कृति ने कहा कि इस तरह के रोल निभाते-निभाते वह बोर हो गई थीं क्योंकि असल जिंदगी में भी वह हमेशा अच्छी लड़की बने रहने की आदत रखती हैं। अब वह चाहती हैं कि फिल्मकार महिलाओं के किरदारों को और अधिक जटिल, असली और इंसानी बनाएं, जिनमें कमियां और खूबियां दोनों दिखें।
‘दो पत्ती’ में डबल रोल का अलग अनुभव
कृति सेनन ने अपनी फिल्म 'दो पत्ती' में डबल रोल निभाने के अनुभव के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि एक ऐसा किरदार निभाना जो स्वार्थी और दूसरों के साथ बुरा व्यवहार करता हो, उनके लिए काफी अलग और चुनौतीपूर्ण था। इस तरह के किरदार ने उन्हें अपनी एक्टिंग के नए पहलुओं को खोजने का मौका दिया।
हाल ही में कृति ने होमी अदजानिया की फिल्म ‘कॉकटेल 2’ में भी अपनी एक्टिंग के लिए खूब सराहना पाई है। अब वह ऐसे किरदारों को चुनना चाहती हैं, जो सिर्फ अच्छे या बुरे होने तक सीमित न हों, बल्कि इंसानों की तरह गलतियां और नैतिक जटिलताएं भी दिखाएं।


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