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बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
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जामिया में छात्रसंघ विवाद पर शिक्षकों ने जताई राजनीतिक हस्तक्षेप की चिंता

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ विवाद पर शिक्षकों ने राजनीतिक हस्तक्षेप को कैंपस अस्थिर करने की कोशिश बताया है।

जामिया में छात्रसंघ विवाद पर शिक्षकों ने जताई राजनीतिक हस्तक्षेप की चिंता

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने के मुद्दे पर राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर शिक्षकों ने चिंता जताई है। सोमवार को शिक्षकों की बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि राजनीतिक हस्तक्षेप से कैंपस की स्थिरता प्रभावित हो रही है।

शिक्षकों की बैठक में राजनीतिक हस्तक्षेप पर चिंता

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग के चलते चल रहे विवाद के बीच, सोमवार शाम को संकाय डीन, विभागाध्यक्षों और अन्य प्रमुख अधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में राजनीतिक हस्तक्षेप पर गहरी चिंता जताई गई। बैठक में परिसर की स्थिति का जायजा लिया गया और ऑनलाइन कक्षाओं की अवधि की समीक्षा की गई। साथ ही विरोध कर रहे छात्रों की मांगों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

जस्टिस मार्कंडेय काटजू के तर्क का शिक्षकों ने किया खंडन

बैठक में शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मार्कंडेय काटजू की फेसबुक पोस्ट का खंडन किया, जिसमें उन्होंने छात्रसंघ बनाने के अधिकार के समर्थन में संविधान के अनुच्छेद 19(1)(c) का हवाला दिया था। शिक्षकों का कहना है कि जस्टिस काटजू का यह दावा जामिया प्रशासन के 26 अक्टूबर 2026 के आदेश की भावना के विपरीत है। उन्होंने 21 अक्टूबर को गठित संविधान मसौदा समिति को उचित समय दिए जाने पर भी जोर दिया, जो अदालत के आदेश, लिंगदोह समिति की रिपोर्ट और विश्वविद्यालय के नियमों की समीक्षा कर रही है।

सांसदों के कैंपस में अनधिकृत प्रवेश पर आपत्ति

शिक्षकों ने राजनीतिक दलों द्वारा विश्वविद्यालय के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की निंदा की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने 21 अक्टूबर को गेट नंबर 4A का ताला तोड़कर कैंपस में प्रवेश किया था। वहीं, इमरान मसूद ने 23 अक्टूबर को बाउंड्री वॉल फांदकर परिसर में घुसपैठ की। इस कारण 25 अक्टूबर को प्रशासन को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को परिसर में प्रवेश के दौरान हिरासत में लिया गया था। अन्य राजनीतिक नेताओं के बिना सूचना के परिसर आने की भी जानकारी दी गई।

कैंपस में बाहरी लोगों द्वारा इमारत पर कब्जा

शिक्षकों ने बताया कि 24 अक्टूबर से कुछ बाहरी लोगों ने राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र विभागों की इमारतों पर कब्जा कर ताला लगा दिया है। इस वजह से विश्वविद्यालय को दिवाली की छुट्टियों तक पढ़ाई ऑनलाइन मोड में शिफ्ट करनी पड़ी। प्रशासन ने कहा है कि आगे की स्थिति की समीक्षा करके ही अगला कदम उठाया जाएगा।

स्रोत: tv9hindi.com

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