फ्रांस सरकार ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रवेश प्रणाली में बदलाव करने का फैसला किया है। यह बदलाव Parcoursup प्लेटफॉर्म के जरिए 2027 से शुरू होकर 2028 तक लागू किए जाएंगे। सरकार का मकसद है कि दाखिले की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और पारदर्शी बनाया जाए ताकि छात्रों को आवेदन में आने वाली परेशानियों से राहत मिले।
Parcoursup प्लेटफॉर्म में सुधार
Parcoursup प्लेटफॉर्म के माध्यम से छात्र विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में आवेदन करते हैं। लेकिन इस प्रणाली को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। फ्रांस के उच्च शिक्षा मंत्री फिलिप बैपटिस्ट ने बताया कि प्रस्तावित बदलावों से प्रवेश प्रक्रिया में सुधार होगा और इसे सरल बनाया जाएगा।
छात्रों में नाराजगी और विरोध प्रदर्शन
छात्रों ने Parcoursup प्रणाली को लेकर विरोध प्रदर्शन किए क्योंकि उन्हें लगता है कि प्रवेश नियम स्पष्ट नहीं हैं और पसंदीदा कोर्स में दाखिले को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। छात्र संगठनों ने सरकार के कुछ कदमों का स्वागत किया है, लेकिन उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। बदलाव की घोषणा से पहले छात्र प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू से भी मुलाकात की थी।
स्कूलों में शिक्षकों की कमी और अन्य मांगें
छात्र केवल विश्वविद्यालय प्रवेश तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने, कक्षाओं में विद्यार्थियों की संख्या घटाने और पुरानी स्कूल इमारतों की मरम्मत की भी मांग कर रहे हैं। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों के स्कूलों में सुविधाओं में सुधार की भी जरूरत बताई जा रही है।
महंगाई और शिक्षा खर्च की चिंता
फ्रांस में बढ़ती महंगाई और शिक्षा से जुड़े खर्चों ने छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर हिंसा, तोड़फोड़ और पुलिस के साथ झड़प की भी घटनाएं हुईं। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने सरकार से छात्रों की जायज मांगों पर ध्यान देने को कहा है।


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