News Speaks
बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
विज्ञापन
News Speaks — यहाँ विज्ञापन दें
News Speaks — यहाँ विज्ञापन दें

प्रल्हाद जोशी ने दिल्ली में CBSE एक्सपीरिएंस सेंटर का उद्घाटन किया

प्रल्हाद जोशी ने दिल्ली में CBSE एक्सपीरिएंस सेंटर का उद्घाटन किया, जहां छात्रों को अनुभव आधारित शिक्षा मिलेगी।

प्रल्हाद जोशी ने दिल्ली में CBSE एक्सपीरिएंस सेंटर का उद्घाटन किया

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को नई दिल्ली के द्वारका स्थित CBSE इंटीग्रेटेड कॉम्प्लेक्स में CBSE एक्सपीरिएंस सेंटर का उद्घाटन किया। इस सेंटर का उद्देश्य छात्रों को सिर्फ किताबी ज्ञान से आगे बढ़ाकर अनुभव आधारित सीखने का अवसर प्रदान करना है। यहां छात्र भारत की शिक्षा के इतिहास, नई तकनीक और भविष्य के करियर विकल्पों के बारे में जान सकते हैं।

CBSE एक्सपीरिएंस सेंटर की विशेषताएं

CBSE एक्सपीरिएंस सेंटर में कुल 12 जोन और 21 एग्जिबिट्स बनाए गए हैं। RFID आधारित स्मार्ट कार्ड के ज़रिए छात्र विभिन्न गतिविधियों में भाग ले सकेंगे। इसके अलावा, वे अपनी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी और गेम आधारित लीडरबोर्ड भी देख पाएंगे।

शिक्षा का इतिहास और आधुनिक तकनीक

सेंटर में ‘शिक्षा की कहानी’ नाम से एक फिल्म दिखाई जाती है, जो भारत की शिक्षा व्यवस्था के विकास को दर्शाती है। इसमें गुरुकुल परंपरा, नालंदा जैसे प्राचीन शिक्षा केंद्रों से लेकर आधुनिक स्कूल और डिजिटल क्लासरूम तक के सफर को दिखाया गया है। साथ ही, CBSE के विकास की कहानी ऐतिहासिक तस्वीरों और दस्तावेजों के माध्यम से बताई गई है। पृथ्वी के लाखों साल पुराने इतिहास को समझने के लिए एक इंटरैक्टिव जियोलॉजिकल टाइमलाइन भी मौजूद है।

करियर विकल्पों की जानकारी

सेंटर में ‘करियर एक्सप्लोरर’, ‘फ्यूचर ऑफ प्रोफेशंस’ और ‘मैजिक मिरर: फ्यूचर यू’ जैसे इंटरैक्टिव एग्जिबिट्स हैं। इनके जरिए छात्र विभिन्न करियर विकल्पों और भविष्य में रोजगार के बदलते स्वरूप को समझ सकते हैं। यहां डॉ. भीमराव आंबेडकर और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जैसी महान हस्तियों के होलोग्राफिक अनुभव भी उपलब्ध हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किताब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ पर आधारित एक विशेष कियोस्क भी बनाया गया है, जो छात्रों को परीक्षा के तनाव से निपटने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश देता है।

प्राकृतिक अनुभव और संवेदी तकनीक

सेंटर के अंतिम भाग ‘एडुवर्स’ में मोशन आधारित तकनीक और विभिन्न संवेदी अनुभवों के माध्यम से छात्र जंगल, महासागर, हिमालय, चाँद और अन्य ग्रहों की यात्रा जैसा अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। यह अनुभव प्रकृति और पर्यावरण के बीच के संबंध को समझाने में मदद करता है।

प्रल्हाद जोशी ने शिक्षा की दिशा पर चर्चा की

“शिक्षा व्यवस्था में रटकर सीखने और केवल परीक्षा के अंकों पर ध्यान देने के बजाय छात्रों की रुचि, क्षमता और सीखने के तरीके को महत्व दिया जाना चाहिए।”

प्रल्हाद जोशी ने उद्घाटन समारोह में कहा कि छात्रों को वैज्ञानिक अवधारणाओं को केवल पढ़ने के बजाय प्रयोग और वास्तविक अनुभवों से समझना चाहिए। CBSE एक्सपीरिएंस सेंटर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अनुभव आधारित और समग्र शिक्षा को बढ़ावा देने की एक पहल है।

उन्होंने बताया कि देशभर में पहले से 10 हजार अटल टिंकरिंग लैब चल रही हैं और सरकार ने 50 हजार अतिरिक्त लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। मंत्री ने कहा कि छात्रों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास विकसित करना आवश्यक है ताकि वे 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान दे सकें।

स्रोत: tv9hindi.com

यह खबर शेयर करें
संपादकीय टीम
संपादकीय टीम · Editor

News Speaks की संपादकीय टीम।

संपादकीय टीम की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।