पांच साल के अर्जुन प्रजापति ने अपनी असाधारण प्रतिभा और बुद्धिमत्ता से सभी को हैरान कर दिया है। महज 18 महीने की उम्र में पढ़ना शुरू करने वाले इस बच्चे ने अब तक 3,000 से अधिक किताबें पढ़ ली हैं और उसका IQ स्कोर 141 है।
अर्जुन की अद्भुत प्रतिभा
अर्जुन प्रजापति, जो वडोदरा के एक गुजराती परिवार से हैं, कनाडा में रहते हैं। जहां उनके समान उम्र के बच्चे खेल-कूद और आस-पास की चीजों को समझने में लगे होते हैं, वहीं अर्जुन इस उम्र में मैथमेटिक्स, ब्लैक होल, ह्यूमन जेनेटिक्स और इम्यून सिस्टम जैसे विषयों में गहरी रुचि रखते हैं। उनके माता-पिता बताते हैं कि अर्जुन ने अब तक 3,000 से ज्यादा किताबें पढ़ी हैं।
IQ स्कोर और उपलब्धियां
चार साल की उम्र में अर्जुन ने दो अंतरराष्ट्रीय हाई-IQ सोसाइटी, मेंसा और इंटरटेल की सदस्यता के लिए क्वालिफाई किया। 11 जून को हुए फॉर्मल कॉग्निटिव असेसमेंट में अर्जुन का IQ 141 रिकॉर्ड किया गया, जो 99.7th परसेंटाइल में आता है। अतिरिक्त स्कोर में नॉनवर्बल IQ 149, फ्लूइड रीजनिंग 144 और वर्किंग मेमोरी 146 शामिल हैं। उन्हें कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की ओर से बधाई पत्र भी मिला है।
अर्जुन का बचपन और जिज्ञासा
अर्जुन ने मात्र 18 महीने की उम्र में पढ़ना शुरू किया था। उनके पिता बताते हैं कि उनकी कार में हमेशा 8 से 10 किताबें रहती हैं क्योंकि अर्जुन पढ़ने का बहुत शौकीन है। वे कहते हैं, "डैडी, अगर मैं बोर हो गया तो? मेरे पास पढ़ने के लिए कम से कम एक किताब तो होनी चाहिए।"
जन्म के बाद से ही अर्जुन बहुत जिज्ञासु थे। शुरुआती दिनों में उन्हें तस्वीरों वाली किताबें पसंद थीं, साथ ही वे अपनी मां को पढ़ते हुए सुनना पसंद करते थे। नंबर, पैटर्न और शब्द पहचानने में उनकी रुचि जल्दी विकसित हुई। ब्लैक होल, डायनासोर, और मानव इम्यून सिस्टम की जानकारी उन्हें समान रूप से आकर्षित करती है।
विशेषज्ञों की राय और अनुभव
अर्जुन का कॉग्निटिव असेसमेंट स्टैनफोर्ड-बिनेट इंटेलिजेंस स्केल्स, फिफ्थ एडिशन के माध्यम से किया गया था, जिसमें उन्हें टैलेंटेड घोषित किया गया। उनका यह प्रदर्शन उनके परिवार और शिक्षकों के लिए गर्व का विषय है।


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