दिल्ली में पटवारी भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव हुआ है। अब किसी भी विषय से ग्रेजुएट उम्मीदवार पटवारी पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा पटवारी पदों पर भर्ती प्रतिनियुक्ति के आधार पर भी होगी।
पुराने नियम और उनकी शर्तें
पहले दिल्ली में पटवारी भर्ती के लिए ग्रेजुएट उम्मीदवार आवेदन कर सकते थे, लेकिन उनकी 12वीं कक्षा में गणित होना अनिवार्य था। साथ ही कंप्यूटर डिप्लोमा और भू-कार सर्वेक्षण या टोटल स्टेशन पद्धति में डिप्लोमा या प्रमाणपत्र होना जरूरी था। ये कड़े नियम कई योग्य उम्मीदवारों को आवेदन से रोकते थे।
नए नियम क्या हैं?
अब पटवारी भर्ती के लिए किसी भी विषय से ग्रेजुएट उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। कंप्यूटर डिप्लोमा की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इस बदलाव के बाद अधिक उम्मीदवार पटवारी पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे।
नियमों में बदलाव का कारण
दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) ने पिछली भर्ती प्रक्रिया में आवेदन मांगे थे, लेकिन कंप्यूटर डिप्लोमा की अनिवार्यता के कारण कोई भी योग्य उम्मीदवार सामने नहीं आया। इससे भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई और पद खाली रह गए। इसलिए नियमों में बदलाव किया गया।
भर्ती के बाद प्रशिक्षण और प्रतिनियुक्ति
नए नियमों के तहत चयनित उम्मीदवारों को तीन महीने की विशेष प्रशिक्षण दी जाएगी। इसमें कंप्यूटर, सर्वेक्षण और मानचित्रण का प्रशिक्षण शामिल होगा। साथ ही अब पटवारी पदों पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर भी भर्ती की जाएगी। इसके लिए केंद्र, राज्य या केंद्रशासित प्रदेश सरकार में समान पद पर कार्यरत अधिकारी पात्र होंगे।
नए नियमों में विभागीय उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा भी बढ़ाकर 40 वर्ष कर दी गई है, जो पहले 27 वर्ष थी।
पटवारी पदों की वर्तमान स्थिति
दिल्ली में कुल 230 पटवारी पद हैं, जिनमें से केवल 60 पदों पर ही तैनाती है। बाकी 170 पद खाली हैं और इन्हें भरने की तैयारी की जा रही है। नए जिलों के गठन के बाद 12 अतिरिक्त पद भी सृजित किए गए हैं।


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