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सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
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चीन सीमा विवाद पर ओवैसी का मोदी सरकार पर हमला, संसद का विशेष सत्र मांगा

ओवैसी ने चीन सीमा विवाद पर मोदी सरकार से जवाब मांगा और संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की।

चीन सीमा विवाद पर ओवैसी का मोदी सरकार पर हमला, संसद का विशेष सत्र मांगा

अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से सीमा पर हो रही गतिविधियों को लेकर जवाब मांगा है और संसद का विशेष सत्र बुलाकर मामले पर चर्चा की मांग की है।

ITBP प्रमुख के बयान पर उठाए सवाल

ओवैसी ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के साथ टकराव की खबरों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि सीमा पर ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। ओवैसी ने कहा कि सीमा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है और उन्होंने पहले भी इस विषय पर सवाल उठाए हैं, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

किस इलाकों में चीनी सैनिकों की गतिविधियां?

ओवैसी ने केंद्र सरकार से उन इलाकों की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा, जहां चीनी सैनिकों की गतिविधियां या कथित घुसपैठ की खबरें आई हैं। उन्होंने पूछा कि क्या भारतीय गश्ती दलों और स्थानीय नागरिकों को किसी इलाके में जाने से रोका गया है और क्या चीन के सैनिक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। ओवैसी ने यह भी पूछा कि ये घटनाएं कब से जारी हैं और भारत ने इन मुद्दों को चीन के साथ सैन्य और राजनयिक बातचीत में कैसे उठाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जून 2020 के बयानों का भी जिक्र करते हुए वर्तमान स्थिति पर स्पष्ट जवाब मांगा।

विदेश मंत्रालय का रुख

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से जुड़े लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत कर रहे हैं। मंत्रालय ने बताया कि सीमा पर तनाव तब बढ़ता है जब चीनी सैनिक निर्धारित गश्त व्यवस्था से अलग गतिविधियां करते हैं। दोनों देशों के बीच संवाद तंत्र मौजूद हैं और LAC को लेकर समझ बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं।

संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग

ओवैसी ने कहा कि सीमा की स्थिति और चीन के प्रति भारत की नीति पर संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने विशेष सत्र बुलाने की मांग की और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा व क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही जरूरी है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस मामले में क्या विस्तृत जानकारी देती है। सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि विपक्ष अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहा है।

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