गाजियाबाद के यशोदा मेडिसिटी में प्रिंसिपल कंसल्टेंट और न्यूरोसर्जन डॉक्टर गौरव बत्रा ने बताया कि बार-बार सिरदर्द होना कई बीमारियों का संकेत हो सकता है, इसलिए इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए।
बार-बार सिरदर्द किन बीमारियों का संकेत हो सकता है?
- माइग्रेन: सिर के एक या दोनों तरफ तेज दर्द होता है, साथ में मतली, उल्टी और रोशनी या तेज आवाज से संवेदनशीलता भी हो सकती है।
- हाई ब्लड प्रेशर: रक्तचाप बहुत बढ़ जाने पर सिरदर्द हो सकता है, हालांकि ज्यादातर मामलों में हाई ब्लड प्रेशर का कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखता।
- तनाव और नींद की कमी: मानसिक तनाव, चिंता, अनियमित दिनचर्या और पर्याप्त नींद न लेने से सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है।
- साइनस की समस्या: साइनस में सूजन या संक्रमण के कारण माथे, आंखों के आसपास और चेहरे में दबाव या दर्द महसूस हो सकता है, साथ ही नाक बंद भी हो सकती है।
- न्यूरोलॉजिकल समस्याएं: बार-बार या असामान्य सिरदर्द मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है, लेकिन केवल सिरदर्द के आधार पर कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?
डॉक्टर गौरव बत्रा के अनुसार यदि सिरदर्द बार-बार होता है, धीरे-धीरे बढ़ता है या दवाइयों से ठीक नहीं हो रहा है तो न्यूरोसर्जन से परामर्श लेना जरूरी है। जांच में अगर मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी कोई समस्या मिलती है, जिसमें सर्जरी की जरूरत हो, तो विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक होती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान के लिए है। किसी भी बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी बदलाव के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
स्रोत: indiatv.in


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