अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्य संदिग्धों को बचाने के लिए उत्तराखंड सरकार हर संभव हथकंडा अपना रही है, ऐसा आरोप कांग्रेस ने लगाया है। कांग्रेस ने अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का हमला
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि उर्मिला सनावर, जिन्होंने कथित वीआईपी को उजागर किया था, को गिरफ्तार कर सच बोलने वालों को जेल में डालना और मुख्य संदिग्धों को खुली छूट देना साबित करता है कि रसूखदार लोगों की रक्षा के लिए हर मुमकिन हथकंडा अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अदालत के समक्ष सनावर ने खुद नार्को टेस्ट के लिए सहमति देने के बावजूद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
मुख्य संदिग्धों की जांच पर उठाए सवाल
प्रतिमा सिंह ने कहा कि यमकेश्वर की भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की कथित भूमिका की जांच की मांग को अनसुना कर दिया गया है। वहीं दुष्यंत कुमार गौतम को कथित वीआईपी की जांच के दायरे में लाने के बजाय केंद्र ने उन्हें एक राज्य का राज्यपाल नियुक्त कर दिया है। उन्होंने सवाल किया कि सीबीआई ने अभी तक गौतम और विधायक बिष्ट से पूछताछ क्यों नहीं की।
कांग्रेस की मांग और सवाल
सिंह ने कहा, "सच बोलने वालों को जेल में डालना और मुख्य संदिग्धों को खुली छूट देना यह साबित करता है कि सरकार के भीतर बैठे रसूखदार लोगों को बचाने के लिए हर मुमकिन हथकंडा अपनाया जा रहा है।" उन्होंने सवाल किया कि जब सनावर ने बिना हिचकिचाहट के नार्को टेस्ट के लिए सहमति दी थी, तो प्रशासन ने जांच को आगे बढ़ाने के बजाय उन्हें गिरफ्तार क्यों किया।
गिरफ्तारी और आरोप
रंगदारी मांगने और धमकी देने के आरोप में हरिद्वार पुलिस ने रविवार को उर्मिला सनावर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था।
निष्पक्ष जांच की मांग
प्रतिमा सिंह ने कांग्रेस की ओर से मांग की है कि अंकिता हत्याकांड के असली गुनहगारों और पर्दे के पीछे छिपे वीआईपी को बेनकाब करने के लिए उर्मिला सनावर का अविलंब निष्पक्ष नार्को टेस्ट कराया जाए तथा मुख्य संदिग्धों पर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि सरकार सच छुपाने के लिए जितने भी हथकंडे अपनाए, जनता वीआईपी को बेनकाब करके ही दम लेगी।


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