तमिलनाडु सरकार ने शराब खरीदने के नियमों में बदलाव किया है। अब 1 नवंबर से 1,000 रुपये से अधिक की शराब खरीद पर डिजिटल भुगतान अनिवार्य होगा। इस नियम से नकद लेनदेन में कमी आने और ओवरचार्जिंग पर नियंत्रण की उम्मीद है।
डिजिटल भुगतान की नई व्यवस्था
तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टासमैक) ने कहा है कि 1 नवंबर से खुदरा दुकानों पर 1,000 रुपये से अधिक की शराब खरीद के लिए ग्राहक डिजिटल माध्यमों जैसे यूपीआई, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से भुगतान करेंगे। 1,000 रुपये तक की खरीदारी में नकद और डिजिटल दोनों विकल्प उपलब्ध रहेंगे।
टासमैक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राज्य में 4,048 खुदरा शराब दुकानें संचालित हैं। अधिकारी ने कहा कि पहले भी डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध थी लेकिन अभी भी अधिकांश लेनदेन नकद में होते हैं।
ओवरचार्जिंग और कैश हैंडलिंग पर नियंत्रण
अधिकारी ने बताया कि नकद लेनदेन से दुकानों को कई समस्याएं होती हैं, जैसे कैश सुरक्षित रखने में जोखिम, हिसाब-किताब में त्रुटियां और जाली नोटों का खतरा। इसके अलावा अधिकतम खुदरा मूल्य से ज्यादा कीमत वसूलने की शिकायतें भी मिलती रही हैं।
डिजिटल भुगतान से हर लेनदेन का रिकॉर्ड बनेगा, जिससे कीमतों में पारदर्शिता आएगी और ओवरचार्जिंग पर रोक लगेगी। साथ ही बिक्री की रकम सीधे आधिकारिक बैंक खातों में जमा होगी।
निजी क्यूआर कोड से भुगतान पर रोक
अधिकारी ने बताया कि टासमैक ने कर्मचारियों को निजी क्यूआर कोड या व्यक्तिगत बैंक खातों के माध्यम से भुगतान लेने से रोका है। इससे भुगतान की प्रक्रिया पर कड़ा नियंत्रण रहेगा।
डिजिटल भुगतान की अनिवार्यता चरणबद्ध रूप से लागू की जाएगी। 1 नवंबर से 1,000 रुपये से अधिक की शराब खरीद पर केवल डिजिटल माध्यमों से भुगतान स्वीकार किया जाएगा। 1,000 रुपये तक की खरीदारी के लिए ग्राहक नकद या डिजिटल दोनों तरीके से भुगतान कर सकेंगे।
नियम उल्लंघन पर कार्रवाई और निगरानी
नए नियम का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। दुकानों के पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक खरीद पर कागजी बिल जारी करें और आधिकारिक पीओएस मशीन पर लेनदेन की पुष्टि करने के बाद ही शराब ग्राहक को दें।
सभी दुकानों पर नियमों की जानकारी देने के लिए दो गुणा तीन फुट के सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। जिला प्रबंधकों को पीओएस मशीनों की जांच, नेटवर्क कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने और नई व्यवस्था के क्रियान्वयन की साप्ताहिक निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है।


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