सोशल मीडिया पर भारत-चीन सीमा को लेकर दो फर्जी वीडियो वायरल हुए, जिनमें चीन की घुसपैठ और अरुणाचल प्रदेश पर कब्जे के झूठे दावे किए गए। भारतीय सेना ने जांच में दोनों वीडियो को भ्रामक बताया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए देश से माफी मांगने को कहा है।
पहला वीडियो और सेना की सफाई
भारतीय सेना के अनुसार, पहले वीडियो में सिक्किम के नाथू ला दर्रे पर चीनी कंपनी के व्यावसायिक वाहन दिखाए गए थे। यह मार्ग भारत-चीन के बीच व्यापार का अधिकृत रास्ता है। सेना ने स्पष्ट किया कि सामान्य कारोबारी वाहनों को घुसपैठ के रूप में पेश करना गलत है और यह वीडियो भ्रामक है।
दूसरे वीडियो में छेड़छाड़
दूसरे वीडियो में लेफ्टिनेंट जनरल गिरिश कालिया के बयान को तोड़ा-मरोड़ा गया है। इस फुटेज का मूल 27 अक्टूबर 2023 को कुपवाड़ा में हुई प्रेस वार्ता का है, जिसमें नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ के प्रयासों की जानकारी दी गई थी। उस वक्त उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में किसी कब्जे या सैनिकों को सामान न मिलने की बात नहीं कही थी। सेना ने बताया कि उस अभियान में दस घुसपैठ की कोशिशें नाकाम हुईं और 27 आतंकियों को मार गिराया गया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर निशाना
26 अक्टूबर को किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सेना की छवि खराब करने के लिए फर्जी AI वीडियो फैलाने वाली कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने इसे विश्वासघाती कृत्य बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत के दुश्मनों के अभियान को आगे बढ़ा रही है। यह विवाद कांग्रेस प्रवक्ता ऋतु चौधरी के सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ, जिसमें ये वीडियो साझा किए गए थे।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
इंडियन यूथ कांग्रेस ने रिजिजू के बयान पर सवाल उठाए और पूछा कि अगर वीडियो फर्जी था तो रिजिजू ने इसे अपनी पोस्ट में क्यों साझा किया। इस पूरे विवाद ने सीमा सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सत्यता जांचने की आवश्यकता को दोबारा उजागर किया है।


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