सर्दियों में सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान सही पोषण और खानपान बेहद जरूरी होता है ताकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे। डॉ. नेहा रस्तोगी पांडा, फोर्टिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम से बताती हैं कि सर्दियों में किन आटे की रोटियां खाने से फायदा होता है।
बाजरे की रोटी
बाजरे की रोटी सर्दियों में एक अच्छा विकल्प है। इसमें फाइबर, आयरन और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को ऊर्जा देते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं। बाजरे को आहार में शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है।
मक्के की रोटी
मक्के की रोटी भी सर्दियों में लोकप्रिय है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और फाइबर होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करते हैं। इसे सरसों के साग और दही के साथ संतुलित मात्रा में खाया जा सकता है।
मल्टीग्रेन रोटी
मल्टीग्रेन रोटी गेहूं, जौ, बाजरा और चने के आटे को मिलाकर बनाई जाती है। यह पोषण का अच्छा स्रोत होती है जिसमें फाइबर और कई पोषक तत्व होते हैं। अलग-अलग अनाज का सेवन करने से आहार में विविधता आती है और सेहत बेहतर रहती है।
गेहूं और चने के आटे की रोटी
गेहूं और चने के आटे की रोटी प्रोटीन, फाइबर और ऊर्जा प्रदान करती है। इसे सब्जियों, दाल और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों के साथ खाने से संतुलित आहार बनता है।
वायरल संक्रमण से बचाव के उपाय
ध्यान रखें कि कोई भी रोटी सीधे वायरल संक्रमण से बचाव की गारंटी नहीं देती। संक्रमण से बचने के लिए हाथों की सफाई, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और आवश्यक टीकाकरण जरूरी हैं। यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो तो डॉक्टर से संपर्क करें। सर्दियों में सही खानपान अपनाएं, अपनी इम्यूनिटी मजबूत बनाएं और स्वस्थ रहें।


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