News Speaks
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
विज्ञापन
News Speaks — यहाँ विज्ञापन दें
News Speaks — यहाँ विज्ञापन दें

सोहा अली खान ने 45 साल में किया मोबिलिटी चैलेंज, फिटनेस के अहम पहलू बताए

सोहा अली खान ने 45 साल में मोबिलिटी चैलेंज में ताकत, बैलेंस और फ्लेक्सिबिलिटी की अहमियत बताई। फिटनेस का सही मकसद समझाया।

सोहा अली खान ने 45 साल में किया मोबिलिटी चैलेंज, फिटनेस के अहम पहलू बताए

सोहा अली खान ने 45 साल की उम्र में एक खास मोबिलिटी चैलेंज दिया, जिसमें उन्होंने ताकत, बैलेंस और फ्लेक्सिबिलिटी की अहमियत पर जोर दिया।

फिटनेस के मामले में सोहा अली खान काफी आगे हैं। 45 की उम्र में भी उनकी बॉडी लीन और फ्लेक्सिबल बनी हुई है। हाल ही में उन्होंने अपने फैंस को एक मोबिलिटी चैलेंज दिया, जिसे कई बड़े फिटनेस एक्सपर्ट भी पूरा नहीं कर पाए। इस चैलेंज में प्रतिभागियों को बिना हाथों की मदद से जमीन पर बैठकर फिर वापस खड़े होने की क्षमता दिखानी होती है।

मुख्य तथ्य

  • सोहा अली खान ने 45 साल की उम्र में मोबिलिटी चैलेंज दिया।
  • चैलेंज में बिना हाथों के जमीन पर बैठना और फिर उठना शामिल था।
  • कई लोगों को यह आसान मूवमेंट भी पूरा करने में दिक्कत हुई।
  • सोहा ने बताया कि यह ताकत, बैलेंस, फ्लेक्सिबिलिटी और कोऑर्डिनेशन का संयोजन है।
  • उम्र बढ़ने के साथ फंक्शनल फिटनेस बनाए रखना जरूरी है।

सोहा अली खान का मोबिलिटी चैलेंज

सोहा ने कहा कि आम जिंदगी में हम बहुत कम बार अपने शरीर को जरूरी मूवमेंट के लिए ट्रेन करते हैं। इस चैलेंज में जमीन पर बैठना और बिना हाथों की मदद से उठना शामिल है, जो हर किसी के लिए आसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि यह मूवमेंट हिप मोबिलिटी, लोअर बॉडी स्ट्रेंथ, बैलेंस, फ्लेक्सिबिलिटी और कोऑर्डिनेशन का मेल है। ये काबिलियत रोजमर्रा के कामों जैसे झुकना, सीढ़ियां चढ़ना और चलते समय स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरी हैं।

उम्र बढ़ने पर फंक्शनल फिटनेस का महत्व

सोहा ने बताया कि उम्र के साथ हमारी कुछ शारीरिक क्षमताएं कम होने लगती हैं, यदि हम उन्हें सक्रिय रूप से बनाए रखने का प्रयास न करें। इससे रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो सकता है। उन्होंने लिखा, “अगर 45 की उम्र में ये मूवमेंट मुश्किल लगते हैं, तो सोचिए 75 की उम्र में ये कितने मुश्किल होंगे।”

फिटनेस का सही मकसद क्या होना चाहिए?

सोहा ने कहा कि फिटनेस का मकसद सिर्फ भारी वजन उठाना या बड़ी मसल्स बनाना नहीं होना चाहिए। बल्कि इसका उद्देश्य उम्र बढ़ने के साथ स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और अकेले चलने-फिरने की काबिलियत को बनाए रखना भी होना चाहिए।

स्रोत: indiatv.in

यह खबर शेयर करें
संपादकीय टीम
संपादकीय टीम · Head - Digital Desk

News Speaks की संपादकीय टीम।

संपादकीय टीम की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।