पिगमेंटेशन क्या है और क्यों होता है?
पिगमेंटेशन त्वचा पर गहरे या काले निशान बनने की समस्या है, जो मेलेनिन नामक पिगमेंट के अधिक उत्पादन या जमा होने से होती है। डॉक्टर संदीप अरोड़ा, सीनियर कंसलटेंट, डर्मेटोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण धूप में अधिक समय बिताना है। सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणें मेलेनिन उत्पादन बढ़ा देती हैं, जिससे चेहरे, माथे, गाल और हाथों पर काले धब्बे बन जाते हैं।
पिगमेंटेशन के अन्य कारण
धूप के अलावा हार्मोनल बदलाव, प्रेगनेंसी, थायराइड की समस्या, उम्र बढ़ना, आनुवंशिक कारक और कुछ दवाओं का सेवन भी पिगमेंटेशन का कारण बन सकते हैं। मुंहासे या चोट के ठीक होने के बाद भी त्वचा पर काले निशान रह जाते हैं।
पिगमेंटेशन से बचाव के उपाय
डॉक्टर संदीप अरोड़ा के अनुसार, पिगमेंटेशन से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि त्वचा को धूप से बचाया जाए। घर से बाहर निकलने से 15-20 मिनट पहले एसपीएफ 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन लगाना चाहिए और हर दो-तीन घंटे में इसे दोबारा लगाना चाहिए। तेज धूप में छाता, टोपी और सनग्लासेस का इस्तेमाल भी जरूरी है।
त्वचा की देखभाल और सावधानियां
त्वचा की नियमित सफाई और मॉइस्चराइजिंग जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के फेयरनेस क्रीम, स्टेरॉयड युक्त क्रीम या केमिकल प्रोडक्ट का उपयोग नहीं करना चाहिए। घरेलू नुस्खों के नाम पर नींबू या अन्य एसिडिक चीजें चेहरे पर लगाने से बचें, क्योंकि यह जलन और पिगमेंटेशन को बढ़ा सकती हैं।
कब डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर धब्बे तेजी से बढ़ रहे हों या लंबे समय तक ठीक न हो रहे हों, तो त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है। सही समय पर कारण की पहचान और उचित इलाज से पिगमेंटेशन को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
स्रोत: tv9hindi.com


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