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गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
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साउथ कैरोलिना में सवाना रिवर लैब में आग, इमरजेंसी घोषित

साउथ कैरोलिना में सवाना रिवर नेशनल लैब में आग लगने के बाद इमरजेंसी घोषित की गई, रेडियोएक्टिव मटेरियल फैलने की खबर नहीं है।

साउथ कैरोलिना में सवाना रिवर लैब में आग, इमरजेंसी घोषित

अमेरिका के साउथ कैरोलिना में सवाना रिवर नेशनल लैब में आग लगने के बाद इमरजेंसी घोषित की गई है।

अमेरिका के साउथ कैरोलिना राज्य के ऐकेन शहर के पास स्थित सवाना रिवर साइट (SRS) परिसर की सवाना रिवर नेशनल लेबोरेटरी में शाम 5 बजकर 39 मिनट पर आग लगी। आग लगते ही आपातकालीन कार्रवाई शुरू की गई और करीब दो घंटे बाद आग बुझा दी गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित इमारत के बाहर रेडियोएक्टिव मटेरियल फैलने की कोई सूचना नहीं है।

मुख्य तथ्य

  • आग सवाना रिवर नेशनल लेबोरेटरी में लगी।
  • शाम 5:39 बजे आग लगी, दो घंटे में बुझा दी गई।
  • रेडियोएक्टिव मटेरियल बाहर नहीं फैला।
  • सेंट्रल एंट्री पॉइंट बंद कर दिए गए।
  • रेल, नदी और हवाई रास्तों से आवाजाही पर रोक लगाई गई।

आग लगने के बाद उठाए गए कदम

आग लगने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केंद्र के एंट्री पॉइंट बंद कर दिए गए हैं और बाहर से आने वाले वाहनों को रोक दिया गया है। लैब के आसपास रेल, नदी और हवाई मार्गों से आवाजाही पर भी रोक लगाई गई है। जिन कर्मचारियों की जरूरत आग बुझाने या केंद्र को बंद करने के काम में नहीं है, उन्हें अपनी जगह पर सुरक्षित रहने का निर्देश दिया गया है।

केंद्र के अधिकारी पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही राज्य और स्थानीय प्रशासन की संबंधित एजेंसियों को इस घटना की जानकारी दे दी गई है। स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे रेडियो और टीवी के माध्यम से ताजा जानकारी प्राप्त करते रहें।

सवाना रिवर साइट का महत्व

सवाना रिवर साइट अमेरिका के परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ा एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इसकी वेबसाइट के अनुसार, यह केंद्र 75 साल से अधिक समय से अमेरिकी सेना के रणनीतिक सुरक्षा मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

अमेरिकी ऊर्जा विभाग के मुताबिक, इस केंद्र में परमाणु सामग्री और रेडियोधर्मी कचरे की देखभाल, सफाई और प्रबंधन किया जाता है ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे।

यह केंद्र 1950 के दशक में बनाया गया था, जिसमें पांच परमाणु रिएक्टर शामिल थे। इन रिएक्टरों का उपयोग ट्रिटियम और प्लूटोनियम-239 जैसी परमाणु हथियार बनाने वाली सामग्री तैयार करने में होता था। इसके अलावा, यहां दो संयंत्र भी बनाए गए थे जो रासायनिक पदार्थों को अलग करने का काम करते हैं।

सेंट्रल वेबसाइट के अनुसार, इस केंद्र की प्राथमिकता कर्मचारियों, आम जनता, पर्यावरण और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

स्रोत: tv9hindi.com

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