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मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
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ज्यादा सेंकने पर रोटी-ब्रेड काली क्यों होती है और क्या कैंसर का खतरा है?

ज्यादा सेंकने पर रोटी-ब्रेड काली होती है, जिससे बनने वाला एक्रिलामाइड कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है।

ज्यादा सेंकने पर रोटी-ब्रेड काली क्यों होती है और क्या कैंसर का खतरा है?

रोटी और ब्रेड भारतीय थाली और नाश्ते का अहम हिस्सा हैं। लेकिन इन्हें ज्यादा सेंकने या जलाने से ये काली हो जाती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह हो सकता है। एक्सपर्ट बताते हैं कि इस प्रक्रिया में कैंसर का खतरा भी हो सकता है।

रोटी-ब्रेड काली पड़ने का कारण

डॉक्टर मनीष सैनी, कंसलटेंट कैंसर सर्जन, कैलाश दीपक हॉस्पिटल, के अनुसार रोटी या ब्रेड को जरूरत से ज्यादा सेंकने पर ये काली हो जाती हैं क्योंकि इनमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट जलने लगते हैं। इससे एक केमिकल "एक्रिलामाइड" बनता है, जो रोटी-ब्रेड को काला करता है।

ज्यादा सेंकी हुई चीजें खाने के नुकसान

एक्रिलामाइड सिगरेट में भी पाया जाता है और यह कैंसर का जोखिम बढ़ा सकता है। हालांकि, अगर इसकी मात्रा कम हो तो कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि यह कैंसर पैदा करता है। लेकिन रोजाना ज्यादा सेंकी या जली हुई रोटी खाने से शरीर में एक्रिलामाइड की मात्रा बढ़ सकती है, जो पोटेंशियल कैंसर का खतरा बन सकता है।

इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के अनुसार कम तली हुई चीजें खाना बेहतर है। स्मोकिंग से बचना चाहिए और ज्यादा सेंकी हुई रोटी या ओवर रोस्टेड मांस से बचाव जरूरी है।

रोटी-ब्रेड को सुरक्षित तरीके से कैसे सेंके

रोटी को सीधे गैस फ्लेम पर सेंकने से बचें। इसके बजाय तवे पर हल्की भूरी सेंकना सही रहता है। कपड़े की मदद से रोटी सेंकने से भी बेहतर परिणाम मिलते हैं। साथ ही फ्राइड चिप्स, पापड़ जैसे ज्यादा भूने हुए खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।

रोटी-ब्रेड को सही ढंग से सेंकने पर कैंसर का खतरा कम होता है और सेहत भी सुरक्षित रहती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। स्वास्थ्य संबंधी कोई भी निर्णय लेने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श करें।

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