उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तीकरण की तीन सफल पहलें देश की 27 बेहतरीन प्रशासनिक पहलों में शामिल हुई हैं। ये मॉडल ग्रामीण महिलाओं की आजीविका सुधारने और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
बहराइच में सौर ऊर्जा से सिंचाई
केंद्रीय टीम ने 14 अक्टूबर को बहराइच के मिहिनपुरवा विकासखंड की घूमना भारू ग्राम पंचायत का दौरा किया। यहां ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के सहयोग से 43 किलोवाट पीक क्षमता का सामुदायिक सौर माइक्रोग्रिड स्थापित किया गया है। इस परियोजना से लगभग 200 परिवारों की 100 एकड़ कृषि भूमि में 10 सौर पंपों से सिंचाई संभव हो रही है। ग्राम विद्युत समिति द्वारा ई-रिक्शा, ई-स्कूटी और मोबाइल चार्जिंग जैसे सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं। इससे ग्रामीणों को स्वच्छ ऊर्जा के साथ रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
मिर्जापुर में महिला नेतृत्व वाला किसान उत्पादक संगठन
19 अक्टूबर को केंद्रीय टीम ने मिर्जापुर के छानबे विकासखंड में छनवर एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का निरीक्षण किया। यह संगठन वर्ष 2022-23 में स्थापित हुआ था और पूरी तरह महिलाओं के नेतृत्व में है। इसमें 1,221 महिला शेयरधारक जुड़ी हैं। महिलाएं कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री, जैविक खाद उत्पादन, कृषि उपकरण उपलब्ध कराना और विपणन जैसे कार्य करती हैं। उन्होंने सामूहिक प्रयास से 25 मीट्रिक टन गेहूं की आपूर्ति भी सफलतापूर्वक की है। संगठन का व्यावसायिक मार्जिन 10.50 लाख रुपये है, जो वार्षिक खर्च से अधिक है। इसका लक्ष्य महिलाओं की आय बढ़ाकर उन्हें लखपति बनाना है।
केंद्रीय टीम ने विंध्य मार्ट का भी निरीक्षण किया, जहां स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों का विपणन और महिलाओं के रोजगार के अवसरों की जानकारी ली गई। वन प्रिया योजना, सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई और जलवायु अनुकूल ग्रामीण विकास पर भी चर्चा हुई।
गोरखपुर में आधुनिक मछली पालन
26 अक्टूबर को गोरखपुर के खजनी विकासखंड की छताही ग्राम पंचायत में जल परी प्रेरणा महिला मत्स्य उत्पादक समूह द्वारा बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत में पांच बायोफ्लॉक इकाइयां स्थापित हैं, जहां महिलाएं वैज्ञानिक तरीके से सीमित स्थान और नियंत्रित जल व्यवस्था में मछली पालन कर रही हैं। महिलाओं ने अपने कार्य की जानकारी देते हुए भविष्य में इकाइयों की संख्या बढ़ाने की योजना भी बताई।
यूपी के मॉडल से दूसरे राज्य प्रेरित हो सकते हैं
तीनों जिलों के दौरे के बाद कैबिनेट सचिवालय के अतिरिक्त सचिव सौरभ कुमार तिवारी ने उत्तर प्रदेश के इन सफल मॉडलों की प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से बहराइच के सामुदायिक सौर माइक्रोग्रिड मॉडल को अन्य क्षेत्रों में लागू करने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में यूपी के प्रयास दूसरों के लिए मिसाल हैं। इन पहलों को आगे बढ़ाने में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला प्रशासन, ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया, सहयोगी संस्थाएं और महिला स्वयं सहायता समूहों की अहम भूमिका है। ये मॉडल ग्रामीण रोजगार, महिलाओं की आय बढ़ाने और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर देते हैं। भ्रमण के दौरान नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के गणेश महालावत, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के राजीव कुमार त्रिपाठी, उप जिलाधिकारी और उपायुक्त (स्वतः रोजगार) भी मौजूद थे।


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