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शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
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पंजाब सरकार ने SBS नगर में 220 बिस्तरों वाला मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने की घोषणा

पंजाब सरकार ने SBS नगर में 220 बिस्तरों वाला मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने की घोषणा की है।

पंजाब सरकार ने SBS नगर में 220 बिस्तरों वाला मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने की घोषणा

चंडीगढ़। पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने गुरुवार को शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर में एक अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और शिक्षण अस्पताल स्थापित करने के लिए आशय पत्र (एलओआई) जारी करने की घोषणा की। उन्होंने इसे दीपावली का ऐतिहासिक तोहफा बताया।

160 करोड़ की परियोजना में जिला अस्पताल को शिक्षण अस्पताल में बदला जाएगा

मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब अवसंरचना विकास बोर्ड (पीआईडीबी) ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (डीबीएफओटी) मॉडल के तहत इंडस सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड को इस परियोजना का ठेका दिया है। इसके लिए लगभग 160 करोड़ रुपए निवेश किए जाएंगे।

इस योजना के तहत नवांशहर स्थित मौजूदा 150 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मानकों के अनुरूप 220 बिस्तरों वाले शिक्षण अस्पताल में बदला जाएगा। इसमें आधुनिक शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं भी शामिल होंगी।

सुपर-स्पेशियलिटी कार्डियक केयर यूनिट भी होगी

परियोजना परिसर में 30 बिस्तरों वाली अत्याधुनिक सुपर-स्पेशियलिटी कार्डियक केयर यूनिट होगी। इसमें एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के लिए कैथेटराइजेशन लैब सहित इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि औपचारिक समयसीमा तीन वर्ष है, लेकिन अस्पताल भवन, डायलिसिस केंद्र और गहन चिकित्सा कक्ष पहले से मौजूद हैं। इसलिए मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण अगले महीने शुरू होगा और उम्मीद है कि यह डेढ़ वर्ष के भीतर चालू हो जाएगा।

50 प्रतिशत सीटें राज्य सरकार के कोटे में आरक्षित

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एमबीबीएस की 50 वार्षिक सीटों में से 50 प्रतिशत सीटें राज्य सरकार के कोटे के तहत आरक्षित रहेंगी। इससे स्थानीय प्रतिभाशाली युवाओं को अपने घर के पास ही किफायती दामों पर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा।

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह परियोजना नवांशहर, बालाचौर, रोपड़, गढ़शंकर, बंगा, माछीवाड़ा और आसपास के 35 से 40 किलोमीटर के क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए जीवन रेखा साबित होगी।

उन्होंने बताया कि पहले गंभीर दिल के मरीजों को चंडीगढ़ के पीजीआई या जालंधर, लुधियाना, अमृतसर जैसे दूरदराज के रेफरल केंद्रों तक ले जाना पड़ता था, जहां कई बार उनकी जान चली जाती थी। अब, विश्व स्तरीय आपातकालीन हृदय उपचार उनके घर के पास ही गोल्डन आवर के दौरान उपलब्ध होगा।

स्रोत: deshbandhu.co.in

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