भारतीय सशस्त्र बलों में अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत मिली है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि अग्निपथ योजना के पहले बैच के अग्निवीरों को 4 साल के बजाय 6 साल तक सेवा विस्तार मिलेगा। इसके साथ ही उनका वेतन भी बढ़ाया जाएगा। यह निर्णय केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूर किया है।
मुख्य तथ्य
- अग्निपथ योजना 14 जून 2022 को शुरू हुई थी।
- पहले बैच के 24,400 अग्निवीरों में से 75% को 2 साल का सेवा विस्तार मिलेगा।
- 25% अग्निवीर नियमित सेवा में मेरिट के आधार पर शामिल होंगे।
- सेवा विस्तार के दौरान वेतन और सेवा निधि बढ़ाई जाएगी।
- 30% अग्निवीर परिचालन क्षेत्रों में तैनात हैं।
अग्निवीरों के सेवा विस्तार के क्या नियम हैं?
CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि अब अग्निवीरों का कार्यकाल कुल 6 साल होगा। पहले निर्धारित 4 साल की सेवा के बाद, 75% अग्निवीरों को 2 साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलेगा। इस अवधि में उन्हें बेहतर वेतन और सेवा निधि का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा पहले से तय नियम के अनुसार, 25% अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। 2 साल के सेवा विस्तार के बाद, जो अग्निवीर इच्छुक और चयन मापदंडों पर खरे उतरेंगे, उन्हें नियमित भर्ती का अवसर मिलेगा।
अग्निवीरों के प्रदर्शन पर क्या प्रतिक्रिया मिली?
जनरल राजा सुब्रमणि ने कहा कि फील्ड कमांडरों से अग्निवीरों के प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक फीडबैक मिला है। उनकी शारीरिक फिटनेस, अनुशासन और हौसले की प्रशंसा की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 30% अग्निवीर परिचालन क्षेत्रों में तैनात हैं, जो उनकी सशस्त्र बलों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पहले बैच की भर्ती और सेवा अवधि
पहले बैच में कुल 24,400 अग्निवीर भर्ती किए गए थे, जिनमें थल सेना के लगभग 19,000, वायु सेना के 2,850 और नौसेना के 2,550 शामिल हैं। इनमें से करीब 18,300 अग्निवीरों का कार्यकाल दिसंबर तक पूरा होना था, लेकिन अब उन्हें 2 वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलेगा।
स्रोत: jansandeshtimes.in


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