पाकिस्तान का व्यापार घाटा 2023-24 के पहले चार महीनों (जुलाई से अक्टूबर) में 16 फीसदी बढ़कर लगभग 15 अरब अमेरिकी डॉलर यानी 1.41 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस दौरान निर्यात में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद आयात में तेजी आई है, जिससे घाटा बढ़ा है। यह जानकारी पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो (PBS) और मीडिया रिपोर्ट से मिली है।
विस्तार: इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट के आंकड़े
PBS के अनुसार, जुलाई से अक्टूबर के बीच पाकिस्तान का आयात 12.5 फीसदी बढ़कर 26 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। वहीं, कुल निर्यात 11.4 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 8.5 फीसदी अधिक है। आयात और निर्यात के बीच का अंतर 14.6 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16 फीसदी ज्यादा है।
केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमान लगाया है कि ऊर्जा आयात बिल बढ़ने से कुल आयात 71 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।
डिवैल्यूएशन का निर्यात पर असर
पाकिस्तानी रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है, लेकिन इसके बावजूद निर्यात में कोई खास तेजी नहीं आई। केंद्रीय बैंक के अनुसार, शुक्रवार को पाकिस्तानी रुपया डॉलर के मुकाबले एक पैसे मजबूत होकर 276.66 रुपये पर था। निर्यात हर महीने 2.5 अरब से 3 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच बना हुआ है। 1 डॉलर के मुकाबले 100 पाकिस्तानी रुपये के डिवैल्यूएशन के बाद भी निर्यात को कोई बड़ा फायदा नहीं मिला।
सरकारी अफसरों पर रक्षा मंत्री के सवाल
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति खराब रहने के बीच भ्रष्टाचार के मामले भी सामने आते रहे हैं। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में सीनियर नौकरशाहों की ईमानदारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में काबिल और ईमानदार अफसर हैं, लेकिन कई अफसर कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप में अपना स्थायी घर बना चुके हैं। यह रिपोर्ट "एक्सप्रेस ट्रिब्यून" की है।
"पाकिस्तान में काबिल और ईमानदार नौकरशाह मौजूद हैं, लेकिन कई अफसरों ने कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों को अपना परमानेंट घर बना लिया है।" - ख्वाजा आसिफ
स्रोत: indiatv.in


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