वॉशिंगटन: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में लगभग हर उम्र, नस्ल और सामाजिक वर्ग के मतदाताओं ने डेमोक्रेटिक पार्टी को समर्थन दिया है। यह जानकारी मार्केट रिसर्च फर्म एसएसआरएस (SSRS) द्वारा किए गए एक बड़े सर्वे से सामने आई है, जिसमें लगभग 80,000 सत्यापित मतदाताओं का विश्लेषण किया गया।
मतदाताओं का वर्गवार मतदान व्यवहार
सर्वे के अनुसार, श्वेत पुरुष अभी भी रिपब्लिकन पार्टी का सबसे मजबूत आधार हैं, जिनमें से 55 प्रतिशत ने रिपब्लिकन उम्मीदवारों को वोट दिया। दूसरी ओर, श्वेत महिलाओं में यह समर्थन कम था, केवल 47 प्रतिशत ने रिपब्लिकन का समर्थन किया।
अश्वेत मतदाताओं में डेमोक्रेटिक पार्टी का दबदबा स्पष्ट रहा। 85 प्रतिशत अश्वेत पुरुषों और 92 प्रतिशत अश्वेत महिलाओं ने डेमोक्रेट्स को वोट दिया। लातिन (हिस्पैनिक) मतदाताओं में भी डेमोक्रेट्स का प्रभुत्व दिखा, जहां 56 प्रतिशत लातिन पुरुषों और 66 प्रतिशत लातिन महिलाओं ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन किया।
रिपब्लिकन पार्टी को व्यापक नुकसान
पिछले मध्यावधि चुनावों की तुलना में रिपब्लिकन पार्टी को लगभग सभी समूहों में समर्थन कम हुआ है। श्वेत पुरुषों का समर्थन 60 प्रतिशत से घटकर 55 प्रतिशत रह गया। श्वेत महिलाओं में यह गिरावट अधिक थी, जो 56 प्रतिशत से घटकर 47 प्रतिशत हो गई।
अश्वेत मतदाताओं में रिपब्लिकन समर्थन भी कम हुआ है। अश्वेत पुरुषों में यह 18 प्रतिशत से घटकर 13 प्रतिशत और महिलाओं में 10 प्रतिशत से गिरकर 6 प्रतिशत रह गया। लातिन पुरुषों में रिपब्लिकन समर्थन 44 प्रतिशत से घटकर 41 प्रतिशत और लातिन महिलाओं में 35 प्रतिशत से 31 प्रतिशत पर आ गया।
आयु और शिक्षा के आधार पर मतदाताओं का रुझान
युवा मतदाताओं (18 से 49 वर्ष) में डेमोक्रेट्स को भारी समर्थन मिला। 18–24 वर्ष के 76%, 25–29 वर्ष के 68%, 30–39 वर्ष के 63% और 40–49 वर्ष के 56% ने डेमोक्रेटिक पार्टी को वोट दिया।
50–64 वर्ष के मतदाताओं में मुकाबला बराबरी का था (49%-49%), जबकि 65 वर्ष और उससे ऊपर के वरिष्ठ मतदाताओं ने 51 प्रतिशत के साथ रिपब्लिकन पार्टी को प्राथमिकता दी।
शैक्षणिक स्तर के अनुसार, कॉलेज डिग्री धारकों में 62 प्रतिशत ने डेमोक्रेटिक पार्टी को चुना। वहीं, बिना कॉलेज डिग्री वाले मतदाताओं में 51 प्रतिशत ने रिपब्लिकन और 47 प्रतिशत ने डेमोक्रेट्स को वोट दिया।
शहरी-ग्रामीण विभाजन और आर्थिक स्थिति
भौगोलिक दृष्टि से, शहरी क्षेत्रों में 71 प्रतिशत और उपनगरीय क्षेत्रों में 58 प्रतिशत मतदाताओं ने डेमोक्रेट्स को चुना। इसके विपरीत, ग्रामीण और छोटे कस्बों के लगभग 60 प्रतिशत मतदाताओं ने रिपब्लिकन को वोट दिया।
आर्थिक स्थिति के आधार पर, जिन लोगों ने माना कि उनकी परिवार की स्थिति पिछले दो वर्षों में बेहतर हुई है, उनमें से 75 प्रतिशत ने रिपब्लिकन को वोट दिया। जबकि जिनका मानना था कि आर्थिक स्थिति खराब हुई है, उनमें से 74 प्रतिशत ने डेमोक्रेट्स को वोट दिया।
चुनावी मुद्दों पर मतभेद
डेमोक्रेट समर्थकों के लिए चुनाव के मुख्य मुद्दे थे: लोकतंत्र की स्थिति (78%), स्वास्थ्य देखभाल (66%), अर्थव्यवस्था (51%), विदेश नीति (46%), अपराध (18%) और आव्रजन (10%)।
रिपब्लिकन समर्थकों के प्रमुख मुद्दे थे: आव्रजन (89%), अपराध (79%), विदेश नीति (50%), अर्थव्यवस्था (46%), स्वास्थ्य देखभाल (31%) और लोकतंत्र की स्थिति (21%)।
विदेश नीति पर मतदाता विभाजन
सर्वे में ट्रंप प्रशासन के ईरान-इजरायल सैन्य कार्रवाई के फैसले पर मतदाता पूरी तरह विभाजित दिखे। ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य कार्रवाई सही मानने वालों में 91 प्रतिशत रिपब्लिकन थे, जबकि केवल 7 प्रतिशत डेमोक्रेटिक मतदाता थे। इसके विपरीत, जो इस हमले को गलत मानते हैं, उनमें 82 प्रतिशत डेमोक्रेटिक समर्थक और 16 प्रतिशत रिपब्लिकन मतदाता शामिल थे।
"अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में लगभग हर उम्र, नस्ल और सामाजिक वर्ग के मतदाताओं का झुकाव डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर रहा है।"
यह सर्वे स्पष्ट करता है कि अमेरिकी राजनीतिक परिदृश्य में डेमोक्रेटिक पार्टी को व्यापक जनाधार मिला है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी को अपने पारंपरिक वोट बैंक में कमी का सामना करना पड़ा है। यह बदलाव आगामी चुनावों और राजनीतिक रणनीतियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।
स्रोत: deshbandhu.co.in


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