ओमान के लिमाह के पास 2 नवंबर की रात कमर्शियल जहाज MSV अल युसुफी पर हुए हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई। इस जहाज पर कुल 14 भारतीय सवार थे, जिनमें से 13 को बचा लिया गया। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और पश्चिमी एशिया में तनाव कम करने की अपनी मांग दोहराई है।
ओमान में हुए हमले की निंदा और बचाव कार्य
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि MSV अल युसुफी पर हमला चिंताजनक है। भारतीय दूतावास ओमान में स्थिति पर नजर रख रहा है और बचाए गए भारतीयों की सुरक्षित वापसी तथा मृतक के शव की भारत वापसी के लिए ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है। मंत्रालय ने कहा कि इस क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर लगातार हो रहे हमले खतरनाक हैं और वे जल्द समाप्त होने चाहिए।
पश्चिमी एशिया में तनाव और भारतीयों की मौत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया के संघर्ष में अब तक 23 भारतीयों की मौत हो चुकी है, जिनमें 15 भारतीय नाविक हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर जहाजों की आवाजाही और व्यापार जल्द से जल्द बिना रुकावट बहाल किया जाना आवश्यक है।
संबंधित घटनाओं का समयक्रम
- फरवरी में पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए।
- उसके बाद से क्षेत्र में तनाव बढ़ा, खासकर हूतियों द्वारा सऊदी अरब पर हमलों के बाद।
- 2 नवंबर को ओमान के लिमाह के पास कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ।
पश्चिमी एशिया में शांति के लिए भारत की अपील
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि तनाव को तुरंत कम करना और कूटनीतिक समाधान के लिए चल रही बातचीत को पूरा करना जरूरी है ताकि क्षेत्र में स्थिरता लौट सके। नई दिल्ली लगातार इस क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए राजनयिक प्रयासों को बढ़ावा दे रही है।
"हम तनाव को तुरंत कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए चल रही बातचीत को पूरा करने की अपनी अपील दोहराते हैं, ताकि इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता वापस आ सके।"
स्रोत: livetimes.news


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