अमेरिका में मिडटर्म चुनाव और उनका महत्व
अमेरिका में हो रहे मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए एक अहम परीक्षा हैं। इस चुनाव में मतदाता तय करेंगे कि कांग्रेस पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण बना रहेगा या डेमोक्रेट्स एक या दोनों सदनों में जीत हासिल करेंगे। चुनाव के नतीजे ट्रंप के कार्यकाल की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
कितनी सीटों पर मतदान हो रहा है
इस चुनाव में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। इसके अलावा 36 राज्यों में गवर्नरों का भी चुनाव किया जा रहा है। डेमोक्रेट्स की जीत से ट्रंप के विधायी एजेंडे पर रोक लग सकती है और कांग्रेस उनकी जांच कर सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप की चुनावी रणनीति और अपील
हालांकि ट्रंप स्वयं चुनाव नहीं लड़ रहे, उन्होंने अपने समर्थकों से कहा है कि वे "ऐसा मानें जैसे कि मैं खुद चुनाव लड़ रहा हूं"। ट्रंप ने डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों पर हमले तेज किए हैं, जिनमें मिशिगन सीनेट के उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद भी शामिल हैं। ट्रंप चाहते हैं कि यह चुनाव उनके राष्ट्रपति कार्यकाल का जनमत संग्रह बने।
न्याय विभाग की भूमिका और मतदाता सुरक्षा
अमेरिकी न्याय विभाग ने चुनाव के दिन सभी 50 राज्यों में 1,000 से अधिक पर्यवेक्षकों को तैनात किया है। असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल हरमीत ढिल्लों ने 'X' पर बताया कि हर अमेरिकी का वोट गिना जाना चाहिए। उन्होंने मतदाताओं से कहा है कि अगर उन्हें कोई समस्या आए, तो वे स्थानीय चुनाव अधिकारियों या न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग को सूचित करें। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी साझा किया गया है।
चुनाव के प्रमुख मुद्दे और मतदाताओं की चिंताएं
मतदाताओं की मुख्य चिंताएं जीवन-यापन की लागत, महंगाई और ईरान के साथ संभावित युद्ध को लेकर हैं। ये मुद्दे डेमोक्रेट्स को प्रशासन के खिलाफ जनता की नाराजगी को चुनावी लाभ में बदलने का मौका दे रहे हैं।
मुख्य तथ्य
- अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में हाउस की 435 और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान हो रहा है।
- 36 राज्यों में गवर्नरों का चुनाव भी आयोजित किया जा रहा है।
- ट्रंप ने समर्थकों से कहा है कि वे चुनाव को उनके लिए मानें और वोट करें।
- न्याय विभाग ने 1,000 से अधिक पर्यवेक्षक तैनात किए हैं ताकि वोटिंग सही तरीके से हो।
स्रोत: indiatv.in


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