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मंगलवार, 3 नवंबर 2026
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अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर ड्रोन हमला किया, ईरान ने दो अमेरिकी ड्रोन गिराने का दावा

अमेरिका ने 2 नवंबर को ईरान के केशम द्वीप पर ड्रोन हमला किया, ईरान ने भी दो अमेरिकी ड्रोन गिराने का दावा किया है। यह घटना मिडटर्म चुनाव से पहले हुई।

अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर ड्रोन हमला किया, ईरान ने दो अमेरिकी ड्रोन गिराने का दावा

अमेरिका ने 2 नवंबर को ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केशम द्वीप पर ड्रोन हमला किया, जबकि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। यह घटनाक्रम अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले हुआ है, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लिए सीनेट और हाउस में बहुमत बनाए रखने की चुनौती है।

केशम द्वीप पर ड्रोन हमले की जानकारी

ईरानी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, केशम द्वीप पर पांच धमाकों की आवाजें सुनी गईं। अमेरिकी अधिकारियों ने हमले की पुष्टि की है, लेकिन हमले के स्वरूप और प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी गई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला 2 नवंबर को किया गया था और यह ईरान के खिलाफ हाल के सीमित सैन्य हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस मामले में कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

ईरान ने दो अमेरिकी MQM-170 ड्रोन मार गिराने का दावा किया

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में केशम द्वीप के दक्षिण में इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम का इस्तेमाल कर अमेरिका के दो MQM-170 ड्रोन गिराए हैं। ईरान का दावा है कि अब उसके कब्जे में ऐसे ड्रोन की कुल संख्या चार हो गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।

केशम द्वीप की रणनीतिक अहमियत

केशम ईरान का सबसे बड़ा द्वीप है, जो करीब 1,445 वर्ग किलोमीटर में फैला है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रवेश द्वार के पास स्थित है। पहले यह फ्री ट्रेड जोन और पर्यटन स्थल था, लेकिन अब इसे ईरान की सैन्य रणनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है। द्वीप के नीचे सुरंगों और प्राकृतिक नमक की गुफाओं का नेटवर्क है, जहां तटीय मिसाइल प्रणाली और तेज हमले वाली नौकाएं रखी गई हैं। यह द्वीप समुद्री सुरक्षा के लिए अहम है क्योंकि यहां से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर नजर रखी जाती है। यह मार्ग दुनिया के प्रमुख तेल और गैस परिवहन मार्गों में आता है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान इस क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी का दुरुपयोग कर सकता है।

मिडटर्म चुनाव से पहले सैन्य और राजनीतिक तनाव

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के ठीक पहले ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू चुनाव के बाद ईरान पर एक और हमले की कोशिश कर सकते हैं। चुनाव मंगलवार को शाम साढ़े चार बजे भारतीय समयानुसार शुरू होंगे। रिपब्लिकन पार्टी के लिए कांग्रेस में बहुमत बनाए रखना जरूरी है।

अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत जारी

इन घटनाओं के बीच अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत भी जारी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने बताया कि दोनों देश मध्यस्थों के जरिए संदेश भेज रहे हैं। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कतर की मध्यस्थता से बातचीत आगे बढ़ाने के लिए दोहा का दौरा किया था। यह संकेत देता है कि सैन्य तनाव के बीच संवाद के रास्ते खुले हैं।

पिछले घटनाक्रम और बढ़ता तनाव

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ हमले शुरू किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली संपत्तियों को निशाना बनाया। अप्रैल में दोनों पक्षों के बीच सीजफायर हुआ और 18 जून को नौवहन की स्वतंत्रता पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए। हालांकि, सुरक्षा और संचालन को लेकर मतभेदों के कारण यह समझौता लागू नहीं हो सका। अब केशम द्वीप पर अमेरिकी हमले और ड्रोन गिराने के ईरानी दावे से क्षेत्रीय तनाव फिर बढ़ गया है, जबकि बातचीत जारी है।

स्रोत: deshbandhu.co.in

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