अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है, जिसमें लाखों अमेरिकी नागरिक अपने वोट डाल रहे हैं। यह चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल और वाशिंगटन में सत्ता के संतुलन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई राज्यों में मतदान जारी है, जबकि 58 मिलियन से अधिक लोग पहले ही व्यक्तिगत या डाक से वोट दे चुके हैं।
मुख्य बिंदु
- मिडटर्म चुनाव में 35 सीनेट सीटों पर मुकाबला, 22 रिपब्लिकन और 13 डेमोक्रेट्स के कब्जे में हैं।
- डोनाल्ड ट्रम्प अपने समर्थकों से रिपब्लिकन उम्मीदवारों को वोट देने की अपील कर रहे हैं।
- फ्लोरिडा और ओक्लाहोमा में बाढ़ और तूफान के कारण मतदान केंद्रों को स्थानांतरित करना पड़ा।
- न्याय विभाग ने पूरे अमेरिका में 1,000 चुनाव पर्यवेक्षक तैनात किए हैं।
- टेक्सास, फ्लोरिडा, कैलिफोर्निया और एरिज़ोना जैसे राज्यों में लैटिनो वोटरों की भूमिका अहम है।
चुनाव की झलक और प्रमुख उम्मीदवार
मेन के फालमाउथ में 60 वर्षीय सुसान मायर्स ने कहा कि रिपब्लिकन सुसान कोलिन्स को ट्रॉय जैक्सन हरा सकते हैं, जो ट्रम्प-विरोधी माहौल का फायदा उठा सकते हैं। मायर्स ने अपने अनुभवों के आधार पर कहा कि वे ज्यादा उम्मीदें नहीं पालना चाहतीं क्योंकि पिछले चुनावों में निराशा मिली है।
मिशिगन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद अमेरिकी सीनेट के लिए चुने जाने वाले पहले मुस्लिम बनने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि रिपब्लिकन माइक रोजर्स तीन दशकों बाद मिशिगन से सीनेट जीतने की कोशिश में हैं। यह मुकाबला सीनेट पर नियंत्रण के लिए निर्णायक हो सकता है।
मतदान में तकनीकी और प्राकृतिक बाधाएं
फ्लोरिडा में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण कम से कम 18 मतदान केंद्रों को स्थानांतरित करना पड़ा। ओक्लाहोमा में रविवार को आए तूफान ने एक मतदान केंद्र को प्रभावित किया, जिससे उसे दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ा। यूटा के गवर्नर ने आपातकाल घोषित किया और सैन जुआन काउंटी में बाढ़ से प्रभावित मतदाताओं को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग की सुविधा दी गई।
न्यूयॉर्क के वेस्टचेस्टर काउंटी में मतदान केंद्रों की मशीनों में तकनीकी खराबी आई, जिसके कारण बैलेट स्वीकार करने में परेशानी हुई। अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने बताया कि उनकी टीम इस समस्या को हल करने के लिए स्थानीय चुनाव बोर्डों के संपर्क में है।
राजनीतिक अभियान और चुनाव की तैयारी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर रिपब्लिकन उम्मीदवारों को वोट देने की अपील की है। उन्होंने कई उम्मीदवारों को "MAGA योद्धा" और "अमेरिका फर्स्ट देशभक्त" बताया है।
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार भी सक्रिय हैं। ओहियो से शेरोड ब्राउन ने मतदाताओं को बाहर निकलकर वोट देने की अंतिम अपील की। रिपब्लिकन सुसान कोलिन्स ने भी X (ट्विटर) पर वोट देने का आग्रह किया।
मतदान की निगरानी के लिए अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने पूरे देश में लगभग 1,000 चुनाव पर्यवेक्षक तैनात किए हैं। DOJ के नागरिक अधिकार प्रभाग की सहायक अटॉर्नी जनरल हरमीत के. ढिल्लों ने बताया कि यह अभियान चुनावों में पारदर्शिता और भेदभाव रहित प्रक्रिया सुनिश्चित करेगा।
चुनावी समीकरण और संभावित परिणाम
अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों – हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट – में फिलहाल रिपब्लिकन का बहुमत है। हाउस में रिपब्लिकन के पास 218 सीटें हैं, जबकि डेमोक्रेट्स के पास 214। सीनेट में रिपब्लिकन के 53 और डेमोक्रेट्स के 45 सदस्य हैं, साथ ही दो निर्दलीय सदस्य डेमोक्रेटिक खेमे के साथ हैं।
अगर सीनेट की सीटें 50-50 हो जाती हैं, तो उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के पास निर्णायक वोट का अधिकार होगा, जो रिपब्लिकन के पक्ष में जाएगा। इस चुनाव में हाउस का नक्शा भी बदला है, जिससे कई जिलों की सीमाएं बदल गई हैं।
सर्वेक्षणों के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी इस चुनाव में आगे है, लेकिन कई अहम मुकाबले अभी भी अनिर्णीत हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने मिशिगन के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद पर लगातार हमले जारी रखे हैं, उनका आरोप है कि वे विभिन्न समुदायों से नफरत करते हैं।
चुनाव परिणाम कब आएंगे?
मतदान के परिणाम आज शाम से आने शुरू हो सकते हैं, लेकिन कुछ राज्यों में परिणाम बुधवार या उसके बाद तक घोषित नहीं होंगे। इस बीच, चुनाव अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की निगरानी जारी है ताकि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
स्रोत: indiatv.in


टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।