मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रजिस्ट्री अभियान का शुभारंभ किया
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों और ग्रामीणों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने के लिए रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत गांवों में 80 से 100 प्रतिशत तक रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं, जहां मंत्री, विधायक और अधिकारी हितग्राहियों को दस्तावेज दे रहे हैं। यह अभियान लगातार जारी रहेगा और इससे ग्रामीणों को बैंक से ऋण लेने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने रजिस्ट्री के महत्व पर जोर दिया
डॉ. यादव ने बताया कि जब बच्चे पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर बनेंगे और व्यवसाय शुरू करना चाहेंगे, तब रजिस्ट्री के दस्तावेज उनकी सहायता करेंगे। उन्होंने पटवारियों, तहसीलदारों और अधिकारियों को उनकी कर्तव्यनिष्ठा के लिए बधाई दी। यह दस्तावेज बच्चों के भविष्य निर्माण में भी सहायक होंगे।
किसानों के लिए सरकार की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण वर्ष मना रही है और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए काम कर रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई किसान 25 गाय या भैंस खरीदने के लिए बैंक से ऋण लेता है, तो सरकार 10 लाख रुपए तक का अनुदान दे रही है। किसान दूध उत्पादन बढ़ाकर आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में विकास
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली मिल रही है और ग्रामीण परिवार मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का लाभ उठा रहे हैं। राज्य के विकासखंडों में एक-एक गांव को वृंदावन ग्राम बनाया गया है। उन्नत नस्ल की गायें उपलब्ध कराई जा रही हैं और अच्छे गौपालकों को पुरस्कार दिए जा रहे हैं।
हितग्राहियों ने जताई खुशी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के हितग्राहियों से बातचीत की। हितग्राही जगदीश यादव ने बताया कि पक्की रजिस्ट्री मिलने से मकान का वास्तविक मालिकाना हक मिला है, जिससे उसकी कीमत और महत्व बढ़ा है। रामचित कुशवाहा ने कहा कि अब उन्हें मकान के मालिकाना हक के आधार पर सुविधाएं मिलेंगी। राकेश बाथम ने बताया कि वे रजिस्ट्री के दस्तावेजों से बैंक से ऋण प्राप्त कर सकेंगे।
हितग्राहियों ने यह भी बताया कि रजिस्ट्री कराने में कोई शुल्क नहीं देना पड़ा और सरकार ने पूरी लागत वहन की। अतर सिंह ने कहा कि 89 हजार रुपये की रजिस्ट्री का खर्च सरकार ने उठाया। मुख्यमंत्री ने सभी को धनतेरस के शुभ अवसर पर बधाई दी और कहा कि यह अधिकार उनके जीवन में समृद्धि लाएगा।
पटवारियों के अनुभव और सम्मान
मुख्यमंत्री ने पटवारी मुकेश तिवारी और विवेक सिकरवार से रजिस्ट्री कार्य का अनुभव जाना। पटवारियों ने कहा कि ग्रामीणों को उनके मकान का वैधानिक अधिकार दिलाकर उन्हें आत्मिक प्रसन्नता होती है। यह काम केवल रजिस्ट्री नहीं, बल्कि वर्षों से रहने वाले परिवारों को उनका अधिकार दिलाने जैसा है।
स्वामित्व योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 200 से अधिक पटवारियों को सम्मानित किया गया। तहसीलदार रवीश भदौरिया (सबलगढ़) और घनश्याम शर्मा (मुरैना ग्रामीण) को भी सम्मान मिला। तहसील अम्बाह, बानमोर और कैलारस के कई पटवारियों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
राज्य नेतृत्व ने योजना की सराहना की
प्रदेशाध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की रजिस्ट्री योजना ने ग्रामवासियों का दिल जीता है। पहले संपत्ति पर बैंक लोन नहीं मिलता था, लेकिन अब पक्की रजिस्ट्री से हितग्राहियों को दस्तावेज मिल गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वामित्व योजना शुरू की थी और अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पक्की रजिस्ट्री कराई है, जिससे हर नागरिक खुश है। यह दस्तावेज संपत्ति हितग्राहियों के लिए सम्मान का प्रतीक है।
मुख्य तथ्य
- रजिस्ट्री अभियान में कई गांवों में 80-100% रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं।
- सरकार रजिस्ट्री के लिए पूरा खर्च उठा रही है, हितग्राही को शुल्क नहीं देना पड़ता।
- किसानों को पशुपालन के लिए अनुदान और बैंक ऋण की सुविधा मिल रही है।
- स्वामित्व योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए 200 से अधिक पटवारियों को सम्मानित किया गया।
- मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों से संवाद कर उनकी समस्याएं और अनुभव सुने।
स्रोत: hindi.webdunia.com


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