मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से बेहतर बस यात्रा
मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में सार्वजनिक बस परिवहन को बेहतर, सुरक्षित और डिजिटल बनाने के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत की है। इस योजना के तहत वर्तमान में प्रदेश के 7 प्रमुख शहरों में 351 बसें दौड़ रही हैं और यात्रियों को मोबाइल ऐप 'चलो' से टिकट बुकिंग की सुविधा मिल रही है।
मध्यप्रदेश यात्री परिवहन विज़न 2030-31 के लक्ष्य
मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) के विज़न 2030-31 के तहत प्रदेश में 15,000 से अधिक बसों का संचालन करने और प्रतिदिन 30 लाख से अधिक यात्रियों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के अंतर्गत 180 से अधिक बस डिपो एवं टर्मिनल विकसित किए जाएंगे और 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को बस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों के लोगों को शिक्षा, रोजगार, इलाज, व्यापार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी।
डिजिटल तकनीक और सुरक्षा में सुधार
प्रदेश की बस सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इंदौर, भोपाल और जबलपुर की सिटी बसों में 'चलो' मोबाइल ऐप से ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। यात्रियों को मोबाइल पर बसों की लोकेशन, आने-जाने का समय और मार्ग की जानकारी भी दी जा रही है। इसके साथ ही इंदौर में सिटी बस यात्रियों के लिए बस पास की व्यवस्था भी की गई है।
सुरक्षा के लिहाज से बसों में सीसीटीवी कैमरे और अन्य आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां लगाई जा रही हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा बेहतर होगी और टिकटिंग में पारदर्शिता आएगी। टिकटों की डिजिटल निगरानी से किराये की आय में गड़बड़ी को रोकने में मदद मिलेगी।
पीपीपी मॉडल से बस संचालन और सुविधा सुधार
बस संचालन में जन-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अपनाया गया है, जिसमें निजी बस संचालकों का चयन पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के जरिए होता है। बस संचालन, समय-सारणी, सुरक्षा और सेवा की गुणवत्ता के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। बस संचालकों को बसों के रखरखाव, चार्जिंग और संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही, चालकों और परिचालकों का प्रशिक्षण भी जोर-शोर से किया जा रहा है ताकि यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सेवा मिल सके।
यात्रियों के लिए बढ़ती सुविधाएं
यात्री जरूरतों के अनुसार बस मार्ग और संचालन समय में सुधार किया जाएगा, जिससे ऐसी जगहों पर बसों की संख्या बढ़ेगी जहां यात्रियों को पहले लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। सुरक्षित बस स्टैंड, स्वच्छ प्रतीक्षालय और बेहतर यात्री टर्मिनल विकसित किए जा रहे हैं, जो महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित सभी यात्रियों के लिए सुविधाजनक होंगे। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए टिकट पर छूट और नियमित यात्रियों के लिए विशेष सुविधाओं पर भी विचार चल रहा है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए इलेक्ट्रिक बसों का प्रोत्साहन
परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए इलेक्ट्रिक बसों और स्वच्छ ईंधन से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रतिवर्ष 70,000 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। इसके लिए चार्जिंग सुविधाओं और आधुनिक बस डिपो के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।
यात्रा में किफायती, सुरक्षित और समयबद्ध सेवा का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का उद्देश्य आम नागरिकों को ऐसी बस सेवा उपलब्ध कराना है जो समय पर मिले, किफायती हो और यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं सुविधा का पूरा ध्यान रखे। इस योजना से न केवल शहरों बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवागमन आसान होगा।
स्रोत: hindi.webdunia.com


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