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गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
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नीट पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित रखा

नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोप तय करने का फैसला सुरक्षित रखा है। 14 आरोपी और 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल है।

नीट पेपर लीक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित रखा

नई दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रही विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोप तय करने के फैसले को सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में सीबीआई ने कुल 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें करीब 20 हजार पन्नों का दस्तावेज शामिल है।

मुकदमे की स्थिति और अगला कदम

राऊज एवेन्यू कोर्ट की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस मामले में 12 अगस्त को सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। सीबीआई ने पहली चार्जशीट जुलाई 2026 में दाखिल की थी। इस केस की जांच मई 2026 में शुरू हुई थी। अब कोर्ट ने 18 नवंबर को अपना आदेश सुनाने का फैसला किया है।

आरोपियों के नाम और भूमिका

इस मामले के 14 आरोपियों में यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवालदार शामिल हैं।

सीबीआई की जांच में क्या सामने आया?

केंद्रीय जांच एजेंसी का कहना है कि तीन विषय विशेषज्ञों ने दिल्ली में एनटीए कार्यालय से अलग-अलग तरीकों से नीट परीक्षा के प्रश्न लीक किए। आरोपी इस कृत्य में सफल इसलिए हो सके क्योंकि उन्हें गोपनीय अनुभाग से बाहर निकलते समय तलाशी नहीं ली गई।

सीबीआई की जांच में पता चला कि जीव विज्ञान के लीक हुए दस्तावेज तेजस दभाडे ने 20 और 21 अप्रैल को स्नेहांजलि देशमुख और दिया शिंदे के नोट्स की फोटोकॉपी से टाइप किए थे। ये नोट्स मनीषा संजय वाघमारे ने धनंजय निवृत्ति लोखंडे के जरिए तेजस और सत्यजीत सोलुंके को उपलब्ध कराए थे।

भौतिकी के लीक हुए प्रश्नों के दो दस्तावेज मिले हैं। इनमें से एक दस्तावेज आरोपी मनीषा संजय हवालदार के हस्तलेखन में है, जिसमें 9 पन्नों पर 68 प्रश्न हैं। उन्होंने इसे 25 अप्रैल को व्हाट्सएप के जरिए सह-आरोपी मनीषा गुरुनाथ मंधारे को भेजा था। इसके अलावा, मनीषा संजय हवालदार ने वही प्रश्न 14 अप्रैल 2026 को आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह को दिए थे।

रसायन विज्ञान पेपर लीक मामले में जांच से पता चला कि दस्तावेज साक्षी धूमल के हस्तलेखन में हैं। साक्षी धूमल उन अभ्यर्थियों में से एक हैं जिन्होंने पुणे में आरोपी पीवी कुलकर्णी के आवास पर कक्षाएं लीं। एक दस्तावेज खतीब मदीहा बेगम से बरामद हुआ, जो आरोपी शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर के हस्तलेखन में है। शिवराज ने यह दस्तावेज अपने बेटे आदित्य के माध्यम से पीवी कुलकर्णी से प्राप्त किया था।

देशभर में तलाशी और सबूत जब्ती

सीबीआई ने बताया कि जांच के दौरान राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू और कश्मीर, कर्नाटक, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में कई तलाशी अभियान चलाए गए। लीक हुए प्रश्नों की भौतिक प्रतियां और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं।

इसके अलावा, 42 डिजिटल उपकरण और आरोपियों मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, और विकास बिवाल के आवाज के नमूने भी जब्त किए गए हैं।

"तीन विषय विशेषज्ञों ने दिल्ली में एनटीए कार्यालय से अलग-अलग तरीकों से नीट परीक्षा के प्रश्न लीक किए।" - सीबीआई

स्रोत: kharinews.com

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