सारांश: सऊदी अरब ने मक्का और मदीना पर मिसाइल हमले का आरोप लगाया, जिसे हूतियों ने खारिज किया, वहीं रियाद एयरपोर्ट रविवार से फिर से खुलने जा रहा है।
मक्का-मदीना पर मिसाइल हमलों का आरोप
सऊदी अरब ने शनिवार को दावा किया कि हूती विद्रोहियों ने इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहर मक्का और मदीना की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने दोनों मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया। अधिकारियों के अनुसार, मिसाइलों को रोकने के बाद गिरने वाले मलबे से कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
सऊदी नागरिक सुरक्षा के जनरल डायरेक्टरेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि मक्का और मदीना क्षेत्रों में मिसाइलों को रोकने के बाद गिरे मलबे से निपटने के लिए नागरिक सुरक्षा दलों ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
हूतियों का मक्का-मदीना हमलों से इनकार
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने के आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब की ओर से पवित्र शहरों पर हमले को लेकर किए जा रहे दावे गलत हैं।
हालांकि, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ नए हमले किए जाने की बात स्वीकार की है। संगठन के मुताबिक, इन हमलों में राजधानी रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे समेत तीन हवाई अड्डों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों, एक पाइपलाइन और एक एयरबेस को निशाना बनाया गया।
इन हमलों और सऊदी अरब के आरोपों के बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, लेकिन हमलों से हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
रियाद एयरपोर्ट रविवार से फिर खुलेगा
रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बार-बार हुए हमलों के कारण उड़ान संचालन बंद करना पड़ा था। अब हवाई अड्डा प्रशासन ने रविवार से सामान्य संचालन बहाल करने की घोषणा की है।
हवाई अड्डे की ओर से जारी बयान के अनुसार, 25 अक्टूबर से टर्मिनल-1 का इस्तेमाल घरेलू उड़ानों के लिए किया जाएगा, जबकि टर्मिनल-2 से राष्ट्रीय विमानन कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित होंगी।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करके टिकट, बुकिंग और उड़ान की स्थिति की पुष्टि कर लें।
रियाद एयरपोर्ट हमले में 13 मौतें
रिपोर्ट के मुताबिक, इसी महीने की शुरुआत में रियाद एयरपोर्ट पर हुए एक हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद हवाई अड्डे का संचालन बंद करना पड़ा था।
इसी सप्ताह अमेरिका ने हूती विद्रोहियों से जुड़े खतरे का हवाला देते हुए सऊदी अरब में अपने दूतावास के गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया था।
यमन संघर्ष से बढ़ता क्षेत्रीय संकट
सऊदी अरब के नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन वर्ष 2015 में यमन के संघर्ष में शामिल हुआ था, जिसने यमन को भारी मानवीय संकट में डाल दिया है और देश में बड़े पैमाने पर तबाही हुई है।
पिछले महीने हूतियों के तेज सैन्य अभियान में लाल सागर के पूरे तटीय क्षेत्र पर नियंत्रण के दावे के बाद क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ गई है। यह घटनाक्रम तेल बाजारों पर भी दबाव डाल रहा है।
मक्का-मदीना को निशाना बनाने के आरोपों और हूतियों के इनकार के बीच अब सबकी नजर सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था, रियाद एयरपोर्ट के संचालन और क्षेत्र में आगे होने वाली सैन्य कार्रवाई पर है।


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