नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के एसीपी द्वारा सेंट्रल दिल्ली बार एसोसिएशन के सचिव और वकील को धमकी देने और रिवॉल्वर दिखाने के बाद वकीलों का विरोध बुधवार को जारी रहा। सेंट्रल दिल्ली बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विकास त्रिपाठी ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे गुरुवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय का घेराव करेंगे। उन्होंने संबंधित एसीपी को सस्पेंड करने की भी मांग की है।
विकास त्रिपाठी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए
विकास त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "दिल्ली पुलिस रक्षक की बजाय भक्षक बन गई है। जब भी कोई समस्या होती है या अपराध होता है, लोग सबसे पहले पुलिस के पास जाते हैं। अगर पुलिस उनकी बात नहीं सुनती, तो वे वकीलों और अदालतों के पास जाते हैं। लेकिन अगर पुलिस वकीलों को भी बेबस करने की कोशिश करेगी, तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।"
उन्होंने बताया कि उनके बार एसोसिएशन के सचिव जब पुलिस के पास गए थे, तो एसीपी ने रिवॉल्वर निकालकर धमकी दी। इसका वीडियो भी मौजूद है। त्रिपाठी ने कहा, "एसीपी की हिम्मत कैसे हुई? उन्हें इसका कड़ा जवाब मिलेगा। जब तक उन्हें सस्पेंड नहीं किया जाता, हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।"
एसीपी पर एफआईआर दर्ज कराने का आरोप
मंगलवार को सेंट्रल दिल्ली कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव विजय बिश्नोई ने बताया कि दिल्ली पुलिस के एक एसीपी ने शिकायतकर्ता बनकर कुछ वकीलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। यह मामला 23 तारीख को शाहदरा इलाके में वकीलों के बीच हुई बहस से शुरू हुआ। एक वकील के सिर में चोट आई थी और उन्हें 7-8 टांके लगे थे।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने धारा 308 के तहत मामला दर्ज किया, लेकिन आरोपी पुलिस स्टेशन में थे और उन्हें गिरफ्तार किए जाने का भरोसा दिया गया। 24 तारीख को जब वकील एफआईआर की कॉपी लेने गए, तो पता चला आरोपी रात में ही छोड़ दिए गए थे। विरोध जताने पर एसीपी ने रिवॉल्वर निकालकर वकीलों को धमकाया और फिर एक झूठी कहानी बनाकर नई एफआईआर कराई।
स्रोत: deshbandhu.co.in


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