भरतपुर के अपना घर आश्रम में इस बार 212 महिलाएं करवाचौथ का व्रत रखेंगी। ये महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र की कामना करेंगी, हालांकि कई के पति और परिवार उन्हें लेने नहीं आए हैं।
अपना घर आश्रम की खासियत
अपना घर आश्रम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया के सबसे बड़े महिला आश्रय गृह के रूप में दर्ज है। यहाँ कुल 3643 महिलाएं रह रही हैं, जिनमें से 212 मानसिक रूप से स्वस्थ होकर भी अपने परिवार लौट नहीं पाईं। इन महिलाओं के लिए करवाचौथ व्रत सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि अपने पुराने रिश्तों से भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखने का माध्यम है।
मानसिक रूप से अस्वस्थ महिलाएं भी शामिल होंगी
आश्रम में करीब 426 महिलाएं ऐसी हैं जो अभी पूरी तरह मानसिक रूप से ठीक नहीं हुई हैं। उनकी याददाश्त वापस नहीं आई और वे अपने घर का पता भी नहीं जानतीं। इसके बावजूद वे करवाचौथ के आयोजन में हिस्सा लेंगी। यह आयोजन उनके लिए खुशी और अपनापन महसूस कराने का अवसर है।
कुमकुम की घर वापसी की कहानी
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की कुमकुम, जो लगभग नौ महीने पहले कोटा से रेस्क्यू कर आश्रम लाई गई थीं, अब अपने घर लौट गई हैं। प्रशासनिक अधिकारी बबीता ने बताया कि कुमकुम स्वस्थ होने के बाद अपने घर का पता बताई। इसके बाद उनके पति प्रमोद चौहान उन्हें घर लेकर गए।
पुनर्वास की संख्या और सफलता
आश्रम में इस साल अब तक 448 लोगों का पुनर्वास हुआ है, जिनमें 338 महिलाएं और 105 सुहागिनें शामिल हैं। ये महिलाएं अब अपने परिवार के साथ करवाचौथ मनाएंगी। आश्रम हर साल औसतन 500 लोगों को उनके परिवार से मिलाने में सफल रहता है।
श्रृंगार के लिए 40 ब्यूटीशियन की टीम
करवाचौथ के आयोजन को लेकर पिछले दो दिनों से तैयारियां चल रही हैं। 40 ब्यूटीशियन 638 महिलाओं को सजाने-संवारने में लगी हैं। आश्रम की संस्थापिका डॉ. माधुरी भारद्वाज के अनुसार, त्योहार महिलाओं के भीतर छिपी भावनाओं को बाहर लाने का मौका है। चांद निकलने पर कोई पति की सलामती के लिए व्रत रखेगी तो कोई अपनों की वापसी की आस लेकर प्रार्थना करेगी।
प्रशासन और आश्रम की भूमिका
टीवी9 भारतवर्ष के अनुसार, अपना घर आश्रम महिलाओं के पुनर्वास और सामाजिक समावेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह आयोजन इन महिलाओं को अपनापन महसूस कराने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
पाठकों के लिए मुख्य तथ्य
- भरतपुर के अपना घर आश्रम में 212 महिलाएं मानसिक रूप से स्वस्थ होकर भी अपने परिवार नहीं लौटीं।
- आश्रम में कुल 3643 महिलाएं रहती हैं, जिनमें से 426 अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं।
- इस साल अब तक 448 महिलाओं का पुनर्वास किया गया है।
- करवाचौथ पर 638 महिलाओं का श्रृंगार 40 ब्यूटीशियन द्वारा किया जाएगा।
स्रोत: tv9hindi.com


टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।