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झालावाड़ में वेश्यावृत्ति रैकेट से छह नाबालिग बच्चियां बचाईं, पांच गिरफ्तार

झालावाड़ में पुलिस ने वेश्यावृत्ति रैकेट से छह नाबालिग बच्चियों को बचाया, पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच जारी है।

झालावाड़ में वेश्यावृत्ति रैकेट से छह नाबालिग बच्चियां बचाईं, पांच गिरफ्तार

राजस्थान के झालावाड़ जिले के भवानीमंडी इलाके में एक वेश्यावृत्ति रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है, जिसमें छह नाबालिग बच्चियों को बचाया गया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई 7 अक्टूबर को मिली गुप्त सूचना के बाद शुरू हुई जांच के तहत हुई।

मुख्य तथ्य

  • छह नाबालिग लड़कियों को देह व्यापार रैकेट से बचाया गया।
  • पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें कुछ पीड़ितों की माताएं और बिचौलिए शामिल हैं।
  • मेडिकल जांच में पांच लड़कियों पर यौन शोषण की पुष्टि हुई।
  • दो लड़कियां यौन संचारित संक्रमण से पीड़ित पाईं गईं।
  • एसआईटी के डिजिटल सबूतों के आधार पर 100 से अधिक जवानों ने छापेमारी की।

झालावाड़ पुलिस की जांच और कार्रवाई

एसपी अमित बुढानिया ने बताया कि जांच में पता चला कि भवानीमंडी की पारंपरिक बस्तियों में रहने वाले कुछ परिवार अपनी नाबालिग बेटियों को देह व्यापार के लिए मजबूर कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने प्रोबेशनरी आईपीएस अधिकारी आयुष श्रोत्रिय के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाया।

एसआईटी ने गुप्त तरीके से बस्तियों में दो सदस्यों को तैनात किया, जिन्होंने देह व्यापार से जुड़े डिजिटल लेन-देन के प्रमाण जुटाए। इस आधार पर पुलिस ने 15 टीमों के साथ छापेमारी कर 6 नाबालिग लड़कियों को बचाया।

मेडिकल और फोरेंसिक जांच के नतीजे

फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री जब्त की और 24 घंटे में रिपोर्ट सौंप दी। मेडिकल बोर्ड ने पुष्टि की कि बचाई गई छह लड़कियों में से पांच के साथ बार-बार यौन शोषण हुआ था जबकि दो लड़कियां यौन संचारित संक्रमण से पीड़ित थीं।

फोरेंसिक विश्लेषण में पुरुषों के डीएनए मिले हैं, जिनमें से चार मामलों में मिश्रित पुरुष डीएनए भी पाया गया। पुलिस इसे जांच के महत्वपूर्ण सबूत मान रही है।

आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 'इम्मोरल ट्रैफिक (प्रिवेंशन) एक्ट' की धाराओं 3, 4 और 5 तथा 'प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस' (पोक्सो) एक्ट की धाराओं 5/6, 11/12 और 17 के तहत मामला दर्ज किया है।

बचाई गई बच्चियों को बालिका आश्रय गृह में रखा गया है, जहां उनकी सुरक्षा और पुनर्वास की व्यवस्था की गई है। पांचों आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर रखा गया है।

पुलिस पूरे रैकेट का दायरा पता लगाने और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान के लिए जांच जारी रखी है।

"परिवारों द्वारा अपनी नाबालिग बेटियों की तस्करी की बात सामने आई है।" - एसपी अमित बुढानिया

स्रोत: deshbandhu.co.in

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