यरुशलम में आयोजित इस्राइल के 2026 के आम चुनाव के शुरुआती रुझानों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाला गठबंधन बहुमत हासिल करने से दूर दिख रहा है। शुरुआती मतगणना के अनुसार नेतन्याहू के गठबंधन को 55 और विपक्षी गठबंधन को 49 सीटें मिलने का अनुमान है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समर्थन को नेतन्याहू के चुनावी प्रदर्शन का कारण बताया है।
किसी गठबंधन को अभी तक बहुमत नहीं मिला
स्थानीय समय अनुसार सुबह 7:43 बजे तक 55.4 प्रतिशत मतगणना पूरी हो चुकी थी। इस दौरान नेतन्याहू के गठबंधन को 55 सीटें और विपक्षी गठबंधन को 49 सीटें मिलने का अनुमान सामने आया। इसके अलावा, संयुक्त अरब सूची को 12 और राम पार्टी को चार सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। इस्राइल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए किसी गठबंधन को कम से कम 61 सीटें हासिल करनी जरूरी हैं।
शुरुआती रुझानों से स्पष्ट है कि कोई भी प्रमुख गठबंधन बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच रहा है, जिससे छोटे दलों का समर्थन सरकार गठन में अहम भूमिका निभा सकता है।
एग्जिट पोल और शुरुआती मतगणना में फर्क
मतदान के बाद जारी एग्जिट पोल में विपक्षी गठबंधन को मामूली बढ़त दिखाई गई थी। चैनल 12, चैनल 13 और सरकारी प्रसारक कान के एग्जिट पोल के अनुसार विपक्ष को 51 से 53 सीटें और नेतन्याहू के गठबंधन को 50 से 52 सीटें मिलने की संभावना थी। इसके विपरीत, आई24न्यूज के एग्जिट पोल में नेतन्याहू को 55 सीटें और विपक्ष को 49 सीटें दी गई थीं। शुरुआती मतगणना इसी अनुमान के करीब रही।
हालांकि, अंतिम परिणामों के लिए सभी मतों की गिनती पूरी होना आवश्यक है। सैनिकों और पात्र मतदाताओं के मत गुप्त और अलग प्रक्रिया से जांचे जाते हैं, साथ ही डुप्लिकेट वोटिंग की भी जांच होती है।
ट्रंप ने क्यों अपने समर्थन का श्रेय दिया?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनके समर्थन के कारण नेतन्याहू के चुनावी प्रदर्शन में सुधार हुआ है और संभावित हार की आशंका कम हुई है। ट्रंप ने टेक्सास में पत्रकारों से कहा कि एग्जिट पोल में नेतन्याहू अच्छा कर रहे हैं और उन्हें उनके समर्थन से मदद मिली होगी।
"मेरे समर्थन से इस्राइली प्रधानमंत्री को काफी मदद मिली होगी।"
ट्रंप की इस बात से इस्राइल चुनाव में अमेरिकी समर्थन की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है, लेकिन अंतिम प्रभाव का आंकलन तभी संभव होगा जब पूरी मतगणना पूरी हो जाएगी।
भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर ट्रंप का दावा
इस्राइल चुनाव के बीच ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव को कम कराने में अपनी भूमिका दोहराई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों पर 250 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी देकर उन्होंने तनाव घटाने की कोशिश की। ट्रंप ने बताया कि जिन आठ युद्धों को वे समाप्त कराना चाहते हैं, उनमें पांच मामलों में व्यापार संबंधी दबाव शामिल था।
हालांकि, भारत ने पहले इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि संघर्षविराम दोनों देशों के बीच सीधे संवाद से संभव हुआ था।
सरकार गठन में अरब दलों की भूमिका
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को एग्जिट पोल में सबसे बड़ी एकल पार्टी दिखाया गया है, लेकिन बहुमत पाना चुनौतीपूर्ण है। विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट ने वैकल्पिक सरकार बनाने की बात कही है। यदि दोनों बड़े गठबंधन बहुमत से दूर रहते हैं, तो अरब दलों की भूमिका निर्णायक हो सकती है। एग्जिट पोल में इन दलों को 16 से 18 सीटें मिलने का अनुमान था।
साल 2021 में राम पार्टी ने इस्राइल की गठबंधन सरकार में शामिल होकर अहम भूमिका निभाई थी।
सुरक्षा और नेतृत्व की चुनौती
7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद यह पहला आम चुनाव है। इस वजह से सुरक्षा, सरकार की जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता चुनाव के मुख्य मुद्दे बने हैं। करीब 19 साल से प्रभावशाली नेतन्याहू को पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट चुनौती दे रहे हैं। अंतिम परिणाम और संभावित गठबंधन पर सभी की नजरें टिकी हैं।
यदि कोई गठबंधन बहुमत नहीं पाता, तो छोटे दलों का समर्थन सरकार बनाने में निर्णायक होगा।
स्रोत: deshbandhu.co.in


टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।