दिवाली के त्योहार पर घर की सजावट में लाइट्स की झालर लगाई जाती है, लेकिन इसके दौरान सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना जरूरी है। तारों को अच्छी तरह चेक करें ताकि कोई कट न हो और लाइट्स बच्चों की पहुंच से दूर ऊंचाई पर लगाएं। ओवरलोडिंग से बचना भी ज़रूरी है।
दीयों और मोमबत्तियों के इस्तेमाल में सावधानी
शाम को पूजन के बाद जब दीये और मोमबत्तियां जलती हैं, तो दिवाली की रौनक बढ़ जाती है। लेकिन इन्हें जलाते समय ध्यान रखें कि ये कपड़ों, पर्दों या आग पकड़ने वाले किसी भी सामान के पास न हों।
फुलझड़ी और पटाखों में सुरक्षा के उपाय
फुलझड़ी को लोग सुरक्षित मानते हैं, लेकिन इसे जलाते वक्त हाथ आग के करीब होते हैं। बच्चों को फुलझड़ी जलाते समय अकेला न छोड़ें। फुलझड़ी से निकलने वाला धुआं आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए संभव हो तो चश्मा पहनें। हल्की चिंगारी भी आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है।
पटाखे जलाते समय हमेशा उचित दूरी बनाए रखें। अनार और बम के पास खड़े न हों, क्योंकि अचानक फटने का खतरा रहता है। पटाखे जलाते वक्त सूती कपड़े पहनें, जो शरीर से चिपकते नहीं। बच्चों को पटाखे जलाने की जगह से दूर रखें।
पालतू जानवरों का ख्याल रखें
दिवाली की खुशियों में अपने पालतू जानवरों को न भूलें। पटाखों की तेज आवाज और रोशनी उन्हें परेशान कर सकती है। इसलिए उन्हें ऐसी जगह रखें जहां वे आराम से रह सकें और तेज आवाज से दूर हों।
स्रोत: tv9hindi.com


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