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डायबिटीज से दिल की बीमारी का खतरा और बिना दर्द के लक्षण

डायबिटीज से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ता है और बिना सीने में दर्द के लक्षण भी हो सकते हैं, इसलिए नियमित चेकअप जरूरी है।

डायबिटीज से दिल की बीमारी का खतरा और बिना दर्द के लक्षण

नई दिल्ली में एक्सपर्ट्स ने 45 साल के डायबिटीज मरीज के केस के जरिए चेतावनी दी है कि डायबिटीज से दिल की बीमारी बिना सीने में दर्द के भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड शुगर और इंसुलिन रेजिस्टेंस से रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

मुख्य तथ्य

  • डायबिटीज से हार्ट रोग का खतरा बढ़ता है।
  • दिल की बीमारी के लक्षण अक्सर अस्पष्ट होते हैं।
  • कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के असामान्य स्तर समस्या बढ़ाते हैं।
  • डायबिटिक न्यूरोपैथी से दर्द के संकेत कम महसूस होते हैं।
  • रेगुलर चेकअप और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

डायबिटीज और दिल की बीमारी का संबंध

सर गंगा राम हॉस्पिटल के डॉ. अश्विन मेहता ने बताया कि डायबिटीज के कारण लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर, इंसुलिन रेजिस्टेंस और सूजन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं। यह एंडोथेलियल डिसफंक्शन कहलाता है, जो रक्त वाहिकाओं के सामान्य कार्य को प्रभावित करता है। इससे हार्ट अटैक और अन्य कार्डियोवैस्कुलर रोगों का खतरा बढ़ जाता है।

डॉ. मेहता ने यह भी कहा कि डायबिटीज के मरीजों में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर असामान्य हो जाते हैं, जिससे आर्टरीज में प्लाक जम सकता है। इसके अलावा, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हार्ट की बीमारी का जोखिम बढ़ाती हैं।

दिल की बीमारी के लक्षण और क्यों नहीं होता दर्द

डॉ. नरेश त्रेहन, मेदांता के चेयरमैन, ने बताया कि लंबे समय तक डायबिटीज से नसों को नुकसान होता है जिसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते हैं। इससे हार्ट से जुड़े दर्द के संकेत मस्तिष्क तक सही तरह से नहीं पहुंच पाते। इसलिए कुछ मरीजों को सीने में दर्द का एहसास नहीं होता, जबकि दिल की बीमारी मौजूद होती है।

ऐसे मरीजों में सांस लेने में दिक्कत, असामान्य थकान या पेट के ऊपरी हिस्से में तकलीफ जैसे संकेत दिखाई दे सकते हैं। डॉ. त्रेहन ने कहा कि मरीजों को इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

एक केस से मिली सीख

डॉ. मेहता ने एक 45 साल के डायबिटीज मरीज का उदाहरण दिया, जिसे हार्ट की समस्या का कोई साफ लक्षण नहीं था। अचानक पेट में तेज दर्द और सांस लेने में दिक्कत के बाद अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि उनकी तीनों बड़ी कोरोनरी आर्टरीज में ब्लॉकेज हो चुका था। मरीज को बाईपास सर्जरी की जरूरत पड़ी। यह केस इस बात की पुष्टि करता है कि लक्षणों के बिना भी दिल की बीमारी गंभीर हो सकती है।

डायबिटीज मरीजों के लिए क्या जरूरी है?

डॉक्टरों का कहना है कि डायबिटीज के मरीजों को सिर्फ ब्लड शुगर कंट्रोल करने पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्हें अपने ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और हार्ट हेल्थ का भी नियमित रूप से पालन करना चाहिए। सही मेडिकल चेकअप जैसे इकोकार्डियोग्राम से हार्ट की स्थिति का पता चलता है।

डॉ. त्रेहन ने कहा कि डॉक्टरों को मरीजों को हार्ट की बीमारी के जोखिम के बारे में जागरूक करना चाहिए और जरूरत के अनुसार टेस्ट कराने की सलाह देनी चाहिए। मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह दवाएं बंद नहीं करनी चाहिए। साथ ही संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और तंबाकू से बचाव से हार्ट की सेहत बेहतर रहती है।

स्रोत: livetimes.news

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