देशभर में धनतेरस के अवसर पर बाजारों में खरीदारी का माहौल बना हुआ है। लोग सोने-चांदी के गहने और सिक्के खरीद रहे हैं, जिन्हें शाम को पूजा में भी रखा जाता है। अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि आपकी जेब पर अनावश्यक खर्च न हो।
सोना-चांदी की कीमत और शुद्धता कैसे तय करें
सोने की ज्वेलरी आमतौर पर 22 या 18 कैरेट की होती है, जबकि सिक्के 24 कैरेट के भी होते हैं। कैरेट के अनुसार कीमत तय करना आवश्यक है। 999 अंकित होने पर 24 कैरेट, 916 पर 22 कैरेट, 875 पर 21 कैरेट, 750 पर 18 कैरेट और 583 या 585 पर 14 कैरेट सोना माना जाता है।
चांदी खरीदते समय भी उसके कोड पर ध्यान दें। सबसे शुद्ध चांदी 999 होती है, इसके बाद स्टर्लिंग सिल्वर (925), ब्रिटानिया सिल्वर (958), कॉइन सिल्वर (900) और 80 प्रतिशत चांदी (800) आती है। कीमत तय करते समय इन्हीं मानकों को देखें।
BIS हॉलमार्क और विश्वसनीय ज्वेलर्स की पहचान
सोने और चांदी की शुद्धता की पहचान BIS (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स) के हॉलमार्क से होती है, जो त्रिकोण के आकार में होता है। इसके साथ हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन कोड (HUID) भी होता है, जिसे मशीन से उकेरा जाता है। इस कोड की मदद से आप ऑफिशियल ऐप या वेबसाइट पर शुद्धता जांच सकते हैं। विश्वसनीय ज्वेलर्स से ही खरीदारी करना बेहतर रहता है।
मेकिंग चार्ज और बिल की अहमियत
सोना या चांदी की ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज जरूर पता करें, क्योंकि बाजार में ये अलग-अलग हो सकते हैं। सही कीमत का अंदाजा लगाने के लिए विभिन्न जगहों पर मेकिंग चार्ज की तुलना करें।
सबसे जरूरी है कि खरीदारी के दौरान पक्का बिल लें। कई बार दुकानदार कच्चा बिल बनाकर सस्ते दाम दिखाते हैं, जिससे बाद में परेशानी हो सकती है। बिल में ज्वेलरी के कैरेट, चांदी का प्रकार, मेकिंग चार्ज और GST की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
स्रोत: tv9hindi.com


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