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बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
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कांग्रेस ने चुनाव आयोग के हलफनामे और फार्म-6 संशोधन पर सवाल उठाए

कांग्रेस ने चुनाव आयोग के हलफनामे और फार्म-6 संशोधन को भ्रामक बताते हुए कानूनी सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग के हलफनामे और फार्म-6 संशोधन पर सवाल उठाए

कांग्रेस ने चुनाव आयोग के हलफनामे को भ्रामक बताया

नई दिल्ली: कांग्रेस ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े चुनाव आयोग के हलफनामे पर तीखा हमला किया है। पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल इस हलफनामे को भ्रामक और छलपूर्ण बताया। कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग कानूनी सवालों का स्पष्ट जवाब देने की बजाय तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहा है।

फार्म-6 में बदलाव को लेकर आयोग पर आरोप

जयराम रमेश ने विशेष रूप से फार्म-6 में किए गए बदलावों पर चुनाव आयोग की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आयोग ने फार्म-6 के साथ जोड़ी गई नई घोषणा को लेकर पहले सुप्रीम कोर्ट के समर्थन का दावा किया, जो बाद में अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बाद आयोग ने कहा कि यह घोषणा अलग फार्म है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि बिना इस घोषणा के ऑनलाइन फार्म-6 जमा नहीं किया जा सकता। जयराम रमेश ने बताया कि आयोग 26 सितंबर, 2026 को इसे फार्म-6 का हिस्सा मानता था, लेकिन अब इसका इनकार कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के उल्लंघन को छिपाने का प्रयास कर रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर भी विवाद

कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज पर भी सवाल उठाए हैं। जयराम रमेश के अनुसार, चुनाव आयोग हलफनामे में यह दिखाना चाहता है कि एसआईआर से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से हुए थे। लेकिन दोनों अन्य चुनाव आयुक्तों ने सीईसी के फैसलों पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं, जिन्हें नजरअंदाज किया गया। उन्होंने मतदाता सूचियों के केंद्रीकरण और चुनाव आयोग के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की पारदर्शिता को लेकर भी चिंताएं जताईं।

कई राज्यों में मतदाता सूची संशोधन पर सवाल

कांग्रेस ने गोवा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चुनाव पंजीकरण अधिकारियों के फैसलों को पलटे जाने का मुद्दा उठाया है। पार्टी ने निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि मतदाता सूची की तैयारी में पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा, कांग्रेस ने फार्म-7 के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया है, जिसका इस्तेमाल मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जाता है। जयराम रमेश ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान विभिन्न राज्यों में इस फार्म का गलत इस्तेमाल करके मतदाताओं के नाम हटाए गए।

एसआईआर प्रक्रिया पर बहस और कानूनी कदम

कांग्रेस की आपत्तियों ने एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव आयोग की जवाबदेही पर बहस तेज कर दी है। विपक्षी दल का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया नियमों के अनुसार होनी चाहिए और हर फैसले का रिकॉर्ड उपलब्ध होना चाहिए। अब इस विवाद में चुनाव आयोग के हलफनामे, फार्म-6 की घोषणा और एसआईआर से जुड़े सवालों पर कानूनी कार्रवाई अहम होगी। अंतिम निर्णय संबंधित नियमों और न्यायालय के आदेशों से तय होगा।

स्रोत: deshbandhu.co.in

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