आज के समय में बच्चों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चिंता है। हर वक्त बच्चों पर नजर रखना आसान नहीं होता, इसलिए जरूरी है कि माता-पिता अपने बच्चों को कुछ अहम सेफ्टी नियम सिखाएं। ये नियम बच्चों को सुरक्षित रखने और उन्हें खतरे से बचाने में मदद करते हैं।
बच्चों को कौन-कौन सी जानकारियां याद होनी चाहिए?
बच्चों को घर के दो से तीन फोन नंबर, घर का पता, पास की दुकानों के नाम और परिवार के सदस्यों के नाम याद होने चाहिए। इससे वे किसी आपात स्थिति में सही मदद मांग सकते हैं।
अजनबियों से कैसे रहें सावधान?
बच्चों को यह समझाना जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह अजनबी हो या परिवार का सदस्य, गलत तरीके से छू नहीं सकता। उन्हें अजनबियों से दूर रहना सिखाएं, खासकर जब वे बाहर हों या घर पर माता-पिता न हों। अगर कोई गिफ्ट, चॉकलेट या टॉफी का बहाना करता है, तो बच्चे उनके साथ नहीं जाएं। इसके अलावा, जब माता-पिता घर पर मौजूद न हों, तो किसी के लिए दरवाजा खोलना भी मना करें।
भीड़ में बच्चे खो जाएं तो क्या करें?
बच्चों को यह बताएं कि भीड़ में माता-पिता से अलग होने पर घबराएं नहीं। वे रोएं नहीं बल्कि एक सुरक्षित जगह पर जाकर खड़े हो जाएं। इससे वे मुश्किल स्थिति को संभालने में मानसिक रूप से तैयार रहेंगे। पेरेंट्स के साथ बाहर जाने पर बच्चों को हाथ न छोड़ने और साथ ही रहने की सलाह दें।
सड़क सुरक्षा के नियम क्या हैं?
बच्चों को सड़क सुरक्षा के नियम जानना बहुत जरूरी है। जैसे कि पैदल हमेशा फुटपाथ पर चलना, सड़क पार करते समय केवल जेब्रा क्रॉसिंग या ट्रैफिक सिग्नल का उपयोग करना, ट्रैफिक लाइट्स के नियमों का पालन करना और सड़क पर कभी दौड़ना नहीं। ये नियम उन्हें सड़क पर सुरक्षित रहने में मदद करते हैं।
माता-पिता की जिम्मेदारी
पेरेंट्स को चाहिए कि वे बच्चों की बात ध्यान से सुनें और जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाएं। बच्चों को गुड और बैड टच के बारे में समझाना भी जरूरी है ताकि वे अपने प्रति हो रहे अनुचित व्यवहार को पहचान सकें।
स्रोत: tv9hindi.com


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