योग का सही अभ्यास जरूरी
नई दिल्ली, भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने योगासन करते समय सावधानी बरतने और सही तरीके से अभ्यास करने की सलाह दी है। मंत्रालय ने बताया कि योग को केवल देख कर या निर्देशों से सीखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शुरुआती लोगों को किसी योग एक्सपर्ट या थेरेपिस्ट की देखरेख में योग की तकनीकें सीखनी चाहिए। गलत अभ्यास से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है।
योग में जागरूकता और विशेषज्ञ मार्गदर्शन
आयुष मंत्रालय के अनुसार, योगासन केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि शरीर, मन और श्वास के तालमेल की प्रक्रिया है। सही तरीके से योग करने पर इसके लाभ कई गुना बढ़ जाते हैं। विशेषज्ञ की देखरेख में अभ्यास करने से सही शारीरिक पॉश्चर और सांस लेने की तकनीक समझ आती है। गलत अभ्यास से मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द हो सकता है। पुरानी बीमारियों या जोड़ों के दर्द वाले लोगों के लिए एक्सपर्ट उनकी स्थिति के अनुसार योग अभ्यास तय करते हैं।
योग के लिए उचित समय और अभ्यास की शुरुआत
आयुष मंत्रालय ने बताया कि योग करने का सबसे उत्तम समय सूर्योदय होता है, लेकिन सूर्यास्त के बाद भी योग किया जा सकता है। योगासन भोजन के कम से कम 2 से 3 घंटे बाद करना चाहिए। शुरुआत हल्के और सामान्य आसनों जैसे ताड़ासन, कटी चक्रासन या शशांक भुजंग गति से करनी चाहिए।
स्वयं अभ्यास की ओर बढ़ें लेकिन सावधानी जरूरी
शुरुआत में किसी एक्सपर्ट के मार्गदर्शन में योग सीखना जरूरी है ताकि हर आसन का सही तरीका समझा जा सके। जब बेसिक आसनों की सही समझ आ जाए, तब धीरे-धीरे खुद से प्रैक्टिस की जा सकती है। योग का वास्तविक लाभ सही मार्गदर्शन और पूरी जागरूकता के साथ अभ्यास करने में है। शरीर की क्षमताओं का सम्मान करते हुए गतिविधियों को धीमा और झटके रहित रखना जरूरी है। यदि कोई परेशानी या दुष्प्रभाव महसूस हो तो इंस्ट्रक्टर या थेरेपिस्ट को सूचित करना चाहिए।
स्रोत: deshbandhu.co.in


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